Gardening Tips For Summer: अप्रैल का महीना शुरू होने जा रहा है. और इसके आते ही सूरज अपने तेवर बदलने लगता हैं और इसका सीधा असर हमारे प्यारे पौधों और बगीचे पर दिखने लगता है. जैसे-जैसे पारा चढ़ता है. गमलों की मिट्टी पत्थर जैसी सख्त होने लगती है और बेचारे पौधे दोपहर की चिलचिलाती धूप में मुरझाने लगते हैं. अगर आप चाहते हैं कि गर्मियों की शुरुआत में ही आपका गार्डन रेगिस्तान न बन जाए.
तो अब वक्त है थोड़ा प्रो-एक्टिव होने का. इस मौसम में पौधों को सिर्फ पानी देना काफी नहीं है. बल्कि उन्हें लू और तपिश से बचाने के लिए एक कूलिंग स्ट्रेटेजी तैयार करनी होगी. सही समय पर की गई थोड़ी सी मेहनत आपके गार्डन को जून की गर्मी में भी शिमला जैसा फील दे सकती है. चलिए आपको बताते हैं अप्रैल के महीने में अपने नन्हे पौधों को कैसे रखें एकदम चिल और हैप्पी.
पानी देने का सही टाइम और मल्चिंग
गर्मी बढ़ते ही पौधों की प्यास बढ़ जाती है. लेकिन बेवक़्त पानी देना फायदे से ज्यादा नुकसान पहुंचा सकता है. हमेशा कोशिश करें कि पौधों को सुबह सूरज निकलने से पहले या शाम को ढलने के बाद ही पानी दें. जिससे जड़ों को नमी सोखने का पूरा वक्त मिले.
- दोपहर की धूप में पानी देने से बचें क्योंकि गर्म मिट्टी पर पानी पड़ने से जड़ें शॉक में जा सकती हैं और पत्तियां झुलस सकती हैं.
- गमलों की नमी बरकरार रखने के लिए मल्चिंग का सहारा लें. यानी मिट्टी की ऊपरी सतह को सूखे पत्तों, घास या लकड़ी के बुरादे से ढक दें.
यह लेयर एक नेचुरल सनस्क्रीन की तरह काम करती है. जो सूरज की सीधी किरणों को मिट्टी तक पहुंचने से रोकती है और पानी को जल्दी उड़ने नहीं देती.
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ग्रीन नेट और सही छंटाई की स्मार्ट ट्रिक
अप्रैल की बढ़ती धूप नाजुक फूलों और नए पौधों की दुश्मन होती है. इसलिए उन्हें सीधी धूप से बचाना बहुत जरूरी है. अगर आपके पास बालकनी या टेरेस गार्डन है. तो वहां ग्रीन नेट(Shade Net) लगवाएं जो धूप को फिल्टर करके पौधों तक पहुंचाती है.
- जिन पौधों की पत्तियां पीली या भूरी होकर जलने लगी हैं. उन्हें तुरंत किसी छायादार जगह पर शिफ्ट कर दें.
- पौधों की प्रूनिंग यानी छंटाई भी इस वक्त जरूरी है. सूखी और बीमार टहनियों को काटकर हटा दें जिससे पौधा अपनी पूरी एनर्जी नई ग्रोथ में लगा सके.
समय-समय पर छंटाई करने से पौधे घने होते हैं और उनमें नई कलियां और फूल आने की जगह बनती है. जिससे आपका गार्डन भरा-भरा दिखता है.
इन बातों का रखें ध्यान
तापमान बढ़ते ही एफिड्स और माइट्स जैसे छोटे दुश्मन आपके पौधों पर हमला बोल सकते हैं. जो पत्तियों का रस चूसकर उन्हें सुखा देते हैं. हर दूसरे-तीसरे दिन पौधों को चेक करें और जरूरत पड़ने पर नीम के तेल का स्प्रे करें.
- अप्रैल का मौसम नई शुरुआत के लिए भी बेस्ट है. आप इस वक्त टमाटर, मिर्च, बैंगन और भिंडी जैसी गर्मियों वाली सब्जियां लगा सकते हैं.
- नए पौधों को लगाने के बाद उन्हें कुछ दिनों तक सेमी-शेड में रखें. जिससे वे बाहर की गर्मी बर्दाश्त करने के लायक बन सकें.
याद रखें इस समय मिट्टी की गुड़ाई थोड़ी हल्की करें जिससे जड़ों को हवा मिले लेकिन वे सीधे तेज हवा के काॅन्टेक्ट में आकर सूख न जाएं.
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