Tuesday, February 10, 2026
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अवैध हलाल सर्टिफिकेशन देने का मामला, गिरफ्त में आए मुंबई के 4 लोग, नहीं दे पा रहे थे सवालों के जवाब


अवैध हलाल प्रमाण पत्र जारी कर धोखाधड़ी के मामले में उत्तर प्रदेश की एसटीएफ ने हलाल काउंसिल आफ इंडिया के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि ये लोग विभिन्न कंपनियों से अवैध वसूली कर रहे थे. जबकि काउंसिल ना तो इस तरह के सर्टिफिकेट जारी करने के लिए अधीकृत है और ना ही किसी प्रोडेक्ट के सैम्पल की जांच कर करती थी.

एसटीएफ ने हलाल काउंसिल आफ इंडिया के अध्यक्ष मौलाना हबीब यूसुफ पटेल, उपाध्यक्ष मौलाना मुईद शीर सपाडिआ ,जनरल सेक्रेटरी मोहम्मद ताहिर जाकिर हुसैन चौहान, ट्रेजरार मोहम्मद अनवर को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार किए गए ये चारों आरोपी मुंबई के रहने वाले हैं .

एसटीएफ मुख्यालय लखनऊ में पूछताछ के बाद ही चारों आरोपियों की हुई गिरफ्तारी हुई है. बताया जा रहा है कि हलाल काउंसिल आफ इंडिया के सदस्य पूछताछ के दौरान तमाम सवालों के जवाब नहीं दे पाए थे. काउंसिल मुंबई की ओर से अवैध रूप से मीट व मीट प्रोडक्ट के अलावा भी अन्य खाद्य पदार्थों के लिए हलाल सर्टिफिकेट जारी कर रहा था.

हलाल काउंसिल आफ इंडिया प्रतिवर्ष प्रति सर्टिफिकेट और प्रति प्रोडक्ट अलग-अलग कंपनी से अलग-अलग रुपए लेती है. संस्था 10 हज़ार रुपए प्रति सर्टिफिकेट और एक हज़ार प्रति प्रोडक्ट के लिए चार्ज करती है. यह काउंसिल नेशनल एक्रीडिटेशन बोर्ड फॉर सर्टिफिकेशन बॉडीज या अन्य किसी सरकारी संस्था से हलाल प्रमाण पत्र जारी करने के लिए अधिकृत नहीं है.

इसके अलावा हलाल काउंसिल आफ इंडिया ने विभिन्न कंपनियों को देश-विदेश में अपने प्रोडक्ट को बेचने के लिए प्रमाण पत्र जारी किया जिसके लिए ये संस्था अधिकृत नहीं है. संस्था के पास हलाल प्रमाण पत्र जारी करने के लिए किसी भी प्रोडक्ट का लैब टेस्ट नहीं करवाया है. काउंसिल के लोगों ने किसी भी प्रोडक्ट का सैंपल भी जांच के लिए नहीं लिया, ना ही काउंसिल का कोई भी सदस्य पूछताछ के लिए कंपनी में गया.

बताया जा रहा है कि ये संस्था मनमाने तरीके से पैसा वसूलने के लिए हलाल प्रमाण पत्र जारी कर वसूली कर रही थी. हलाल प्रोडक्ट के उपभोक्ताओं को बिना किसी जांच व बिना किसी टेस्ट के केवल हलाल का लोगो देकर जबरन वसूली की जा रही है. अनावश्यक रूप से कंपनियों पर एक अलग प्रकार का वित्तीय बोझ डाला गया. ऐसे रेस्टोरेंट को भी हलाल प्रमाण पत्र दिया गया जबकि वहां परोसी जाने वाली खाद्य सामग्री पर काउंसिल का कोई नियंत्रण नहीं है.

Tags: Government of Uttar Pradesh, UP police, UP STF



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