नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र महासभा में इजराइल-हमास युद्ध को तत्काल रोकने के लिए जॉर्डन द्वारा पेश किए प्रस्ताव से भारत दूर रहा, बावजूद इसके जॉर्डन को यकीन है कि इजरायल-हमास जंग में भारत का रोल अहम होगा. जॉर्डन द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र महासभा में मतदान से भारत के दूर रहने के कुछ दिनों बाद दिल्ली में अम्मान के राजदूत मोहम्मद अल कायद ने कहा कि भारत का कॉल एक संप्रभु निर्णय था और जॉर्डन इसका सम्मान करता है. इतना ही नहीं, जॉर्डन ने कहा कि भविष्य में भारत दोनों पक्षों के बीच में बड़ी भूमिका निभा सकता है.
जॉर्डन के राददूत मोहम्मद अल कायद ने बुधवार को द इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि भारत ने भविष्य में दोनों पक्षों की भूमिका निभाने के लिए बीच में रहने की कोशिश की वजह से प्रस्ताव से दूर रहने का फैसला किया था. दरअसल, पिछले सप्ताह भारत ने उस प्रस्ताव पर मतदान नहीं किया था, जिसमें 7 अक्टूबर को हमास या हमास के हमलों के दौरान बंधक बनाए गए इजरायलियों का उल्लेख नहीं था. उस प्रस्ताव के पक्ष में 120 वोट पड़े, विपक्ष में 14 वोट पड़े जबकि 45 देश अनुपस्थित रहे.
जॉर्डन के राजदूत मोहम्मद अल कायद ने कहा, ‘हम यह अच्छी तरह से समझते हैं कि प्रत्येक देश अपने हितों के अनुसार यह रुख अपनाता है. यह भारत का फैसला है और हम इसमें हस्तक्षेप नहीं करते.’ उन्होंने कहा, ‘जॉर्डन भी मानता है कि भारत अंतरराष्ट्रीय मुद्दों में बहुत सक्रिय रूप से शामिल हो रहा है और युद्ध समाप्त करने में कुछ सकारात्मक भूमिका निभा सकता है.’ उन्होंने कहा, ‘अब दुनिया में एक उभरती हुई शक्ति के रूप में और जी20 और वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ समिट जैसी पहल के बाद भारत एक बड़ी भूमिका निभा सकता है.’
इजराइल द्वारा गाजा में सबसे बड़े शरणार्थी शिविर पर हमले के एक दिन बाद कायद ने कहा कि इजराइल बिल्कुल यही करना चाहता था- लोगों को विस्थापित करना और स्थानांतरित करना, और जॉर्डन इसका पूरी तरह से विरोध करता था. वास्तव में सभी अरब देश इसमें एकजुट थे. उन्होंने कहा कि यह उन सभी के लिए एक खतरे की रेखा थी. बता दें कि हमास के हमले के बाद इजरायल गाजा में जवाबी कार्रवाई कर रहा है, जिसमें सैकड़ों फिलिस्तीनियों की मौत हो चुकी है. आरोप है कि इजरायल ने गाजा में सबसे बड़े शरणार्थी शिविर पर हमला किया है, जिसमें कई नागरिक मारे जा चुके हैं.

इससे पहले 23 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय को फोन किया था और जंग में हिंसा, आतंक और नागरिक जीवन के नुकसान पर चर्चा की थी. पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट में कहा था, ‘जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय से बात की. पश्चिम एशिया की घटनाओं पर विचारों का आदान-प्रदान किया. हम आतंकवाद, हिंसा और लोगों की मौत के संबंध में चिंताओं को साझा करते हैं. सुरक्षा और मानवीय स्थिति के शीघ्र समाधान के लिए ठोस प्रयासों की आवश्यकता है.
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FIRST PUBLISHED : November 2, 2023, 06:28 IST


