
तापमान का अचानक बढ़ना या बहुत ज्यादा गर्मी भी खीरे की मिठास छीन लेती है. जब पारा 35-40 डिग्री के पार जाता है, तो पौधे खुद को बचाने के लिए कुकरबिटासिन बनाना शुरू कर देते हैं. आधुनिक खेती में मल्चिंग और शेड नेट का इस्तेमाल करके आप फसल को झुलसने से बचा सकते हैं. जिससे फल की क्वालिटी एकदम टॉप क्लास बनी रहती है.


