
मार्केट में एलोवेरा की डिमांड इतनी ज्यादा है कि कॉस्मेटिक और फार्मा कंपनियां इसे हाथों-हाथ खरीदती हैं. ब्यूटी प्रोडक्ट्स, जूस और आयुर्वेदिक दवाइयों में इसका इस्तेमाल बड़े पैमाने पर होता है. इस वजह से किसानों को उपज बेचने के लिए भटकना नहीं पड़ता और उन्हें अपनी फसल का मार्केट रेट भी काफी शानदार मिल जाता है.

यह फसल उन किसान भाइयों के लिए वरदान है जिनके पास पानी की कमी है या जमीन ज्यादा उपजाऊ नहीं है. एलोवेरा रेगिस्तानी स्वभाव का पौधा है. जिसे बहुत ज्यादा सिंचाई की जरूरत नहीं पड़ती. यह रेतीली या बंजर जमीन में भी शान से लहलहाता है और आवारा पशु भी इसे नुकसान नहीं पहुंचाते.
Published at : 01 Apr 2026 12:48 PM (IST)


