इजरायली सैनिकों ने रविवार तड़के इजराइल के कब्जे वाले वेस्ट बैंक में समाचार संगठन अल जजीरा के कार्यालय पर छापे मारे और वहां मौजूद लोगों को तत्काल काम बंद करने का आदेश दिया। अल जजीरा ने अपने अरबी भाषा के चैनल पर इजरायली सैनिकों के एक फुटेज का सीधा प्रसारण किया जिसमें सैनिक कार्यालय को 45 दिन तक बंद रखने का आदेश दे रहे हैं। अल जजीरा गाजा पट्टी में इजरायल-हमास युद्ध का प्रसारण कर रहा है। सैनिकों ने दफ्तर में काम कर रहे पत्रकारों से सारे कैमरे लेकर तुरंत ऑफिस से बाहर निकलने के लिए भी कहा।
इजरायल ने पहले भी पूर्वी यरुशलम में अल जजीरा के कार्यालय पर छापा मारा था, उसके उपकरण जब्त कर लिए थे, इजरायल में उसके प्रसारण पर रोक लगा दी थी तथा उसकी वेबसाइट्स पर भी पाबंदी लगा दी थी। इजरायली सेना ने अभी इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। अल जजीरा ने इस कदम की आलोचना की है और वह पड़ोसी देश जॉर्डन के अम्मान से प्रसारण कर रहा है।
7 अक्टूबर को युद्ध शुरू होने के बाद से अल जजीरा ने इजरायल के अभियान के प्रभावों पर लगातार जमीनी रिपोर्टिंग प्रसारित की है। इजरायली सेना ने कतर स्थित नेटवर्क के पत्रकारों पर हमास या उसके सहयोगी इस्लामिक जिहाद से जुड़े होने का बार-बार आरोप लगाया है। अल जजीरा ने इजरायल के आरोपों का जोरदार खंडन किया है और कहा है कि इजरायल गाजा पट्टी में अपने कर्मचारियों को व्यवस्थित रूप से निशाना बनाता है।
गाजा में युद्ध शुरू होने के बाद से अल जजीरा के चार पत्रकार मारे जा चुके हैं और गाजा में नेटवर्क के कार्यालय पर बमबारी की गई थी। प्रसारक ने कहा कि सैनिकों ने रविवार को बंद करने के आदेश का कोई कारण नहीं बताया। नेटवर्क पर लाइव प्रसारित बातचीत में एक इजरायली सैनिक ने अल जजीरा के वेस्ट बैंक ब्यूरो प्रमुख वालिद अल-ओमारी से कहा, “अल जजीरा को 45 दिनों के लिए बंद करने का न्यायालय का आदेश है।” फुटेज के अनुसार, सैनिक ने कहा, “मैं आपसे सभी कैमरे लेकर तुरंत ही दफ्तर से बाहर जाने के लिए कहता हूं।”
अल जजीरा के अनुसार, ओमारी ने कहा कि आदेश में नेटवर्क पर आतंकवाद को बढ़ावा देने और उसका समर्थन करने का आरोप लगाया गया है। ओमारी ने कहा, “इस तरह से पत्रकारों को निशाना बनाने का उद्देश्य हमेशा सच्चाई को मिटाना और लोगों को सच्चाई सुनने से रोकना होता है।” टिप्पणी के अनुरोध पर इजरायली सेना ने तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। रामल्लाह स्थित फिलिस्तीनी विदेश मंत्रालय ने रविवार के ऑपरेशन की निंदा करते हुए इसे प्रेस की स्वतंत्रता का घोर उल्लंघन बताया। फिलिस्तीनी प्राधिकरण के सरकारी मीडिया कार्यालय के निदेशक मोहम्मद अबू अल-रब ने कहा कि अल जजीरा कार्यालय को बंद करना फिलिस्तीनी लोगों के खिलाफ कब्जे के उल्लंघनों को बताने में मीडिया के काम को बाधित करने के (इजरायली) कब्जे के प्रयासों की पुष्टि करता है।


