Apps For Farmer: आज के डिजिटल दौर में खेती सिर्फ हल और बैल तक सीमित नहीं रह गई है. बल्कि अब यह स्मार्टफोन और स्मार्ट ऐप्स का खेल बन चुकी है. अगर आप भी एक प्रगतिशील किसान बनना चाहते हैं. तो अपनी जेब में रखे मोबाइल को सिर्फ मनोरंजन के लिए नहीं. बल्कि कमाई बढ़ाने के औजार के रूप में इस्तेमाल करना शुरू करें. भारत सरकार ने किसानों की हर छोटी-बड़ी समस्या का समाधान मुट्ठी में कैद कर दिया है.
बीज की क्वालिटी से लेकर मौसम की सटीक भविष्यवाणी और पीएम किसान निधि के स्टेटस तक सब कुछ अब एक क्लिक पर उपलब्ध है. इन सरकारी ऐप्स को इस्तेमाल करना इतना आसान है कि आप घर बैठे-बैठे ही अपनी फसल और मुनाफे की मॉनिटरिंग कर सकते हैं. चलिए जानते हैं उन 4 जरूरी ऐप्स के बारे में जो हर किसान के फोन में होने ही चाहिए.
पीएम-किसान मोबाइल ऐप
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ ले रहे करोड़ों किसानों के लिए यह ऐप किसी लाइफलाइन से कम नहीं है. अब आपको अपनी किस्त का स्टेटस जानने के लिए बैंक के चक्कर काटने या सीएससी सेंटर पर लाइन लगाने की जरूरत नहीं है. इस ऐप के जरिए किसान भाई खुद अपना रजिस्ट्रेशन स्टेटस देख सकते हैं.
आधार के अनुसार नाम में सुधार कर सकते हैं और सबसे जरूरी बात अपनी ई-केवाईसी की प्रोसेस भी घर बैठे पूरी कर सकते हैं. यह ऐप पारदर्शिता को बढ़ावा देता है और यह सुनिश्चित करता है कि योजना का पैसा बिना किसी बिचौलिए के सीधे आपके बैंक खाते में पहुंचे.
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एम-किसान और मौसम ऐप
खेती में सबसे बड़ा रिस्क ‘मौसम’ का होता है, और इसी रिस्क को कम करने के लिए मौसम ऐप और एम-किसान पोर्टल बेहद कारगर हैं. मौसम ऐप आपको आने वाले तूफान, भारी बारिश या पाले की जानकारी एडवांस में देता है. जिससे आप समय रहते अपनी फसल की कटाई या सिंचाई का फैसला ले सकें.
वहीं एम-किसान ऐप के जरिए कृषि विशेषज्ञ आपकी भाषा में खेती से जुड़ी सलाह एसएमएस के जरिए भेजते हैं. इसमें आपकी लोकेशन के हिसाब से फसलों के रोगों और उनके उपचार के बारे में सटीक जानकारी दी जाती है. जिससे कीटनाशकों पर होने वाला फालतू खर्च बचता है और पैदावार की क्वालिटी भी बेहतर होती है.
किसान रथ ऐप
फसल उगाने के बाद सबसे बड़ी चुनौती उसे सही समय पर मंडी तक पहुंचाना होता है. खासकर तब जब आपके पास अपना वाहन न हो. किसान रथ ऐप इसी समस्या का वन-स्टॉप सॉल्यूशन है. यह ऐप किसानों और व्यापारियों को सीधे ट्रांसपोर्टर्स से जोड़ता है. इसके जरिए आप ट्रक, ट्रैक्टर या अन्य मालवाहक वाहनों की बुकिंग घर बैठे कर सकते हैं.
इससे न केवल ट्रांसपोर्टेशन का सही रेट पता चलता है. बल्कि फसल की बर्बादी भी कम होती. यह ऐप खासतौर पर उन किसानों के लिए गेम-चेंजर है जो फल, सब्जी या दूध जैसे जल्दी खराब होने वाले उत्पादों की खेती करते हैं और उन्हें तुरंत बाजार पहुंचाना चाहते हैं.
पूसा कृषि और ई-नाम ऐप
अगर आप जानना चाहते हैं कि आईसीएआर (ICAR) के वैज्ञानिक खेती की कौन सी नई वैरायटी तैयार कर रहे हैं. तो पूसा कृषि ऐप आपके लिए है. यह ऐप नई किस्मों और उन्नत तकनीकों की जानकारी सीधे आप तक पहुंचाता है. इसके साथ ही ई-नाम (e-NAM) मोबाइल ऐप किसानों को पूरे देश की मंडियों से जोड़ता है.
आप अपने फोन पर ही देख सकते हैं कि किस मंडी में आपकी फसल का क्या भाव चल रहा है. इससे मोलभाव करने की ताकत बढ़ती है और आप अपनी उपज को वहां बेच सकते हैं जहां सबसे ज्यादा दाम मिल रहा हो. ये ऐप्स मिलकर खेती को एक हाई-टेक बिजनेस में बदल देते हैं.
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