Wednesday, February 4, 2026
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चंदन-काजू-कोको-अखरोट-बादाम और नारियल की खेती करने वालों को होगा फायदा, जानें सरकार से कैसे मिलेगी मदद?


केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में अपना लगातार नौंवा बजट पेश से करते हुए किसानों और कृषि से जुड़े क्षेत्रों के लिए कई अहम घोषणा की है. यूनियन बजट 2026 में सरकार ने साफ संकेत दिया है कि अब खेती में सिर्फ परंपरागत फसलों पर नहीं बल्कि हाई वैल्यू वाली फसलों पर फोकस बढ़ाया जाएगा, जिससे किसानों के आय बढ़ाई जा सके. वहीं वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार कृषि उत्पादन में विविधता लाने, उत्पादकता बढ़ाने और ग्रामीण इलाकों में रोजगार के नए अवसर पैदा करने की दिशा में काम कर रही है. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि चंदन-काजू-कोको-अखरोट-बादाम और नारियल की खेती करने वालों को कैसे फायदा होगा और इसके लिए सरकार से कैसे मदद मिलेगी. 

नारियल-काजू और कोको पर सरकार का बड़ा फोकस

बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने बताया कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा नारियल उत्पादक देश है और करीब तीन करोड़ लोग इसकी खेती और उससे जुड़े कामों पर निर्भर है. इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने नारियल उत्पादन को बढ़ाने और उत्पादकता सुधारने के लिए विशेष योजना का ऐलान किया है. इस योजना के तहत प्रमुख नारियल उत्पादक राज्यों में नॉन उत्पादक पेड़ों को हटाकर नई और बेहतर किस्म के पौधे लगाए जाएंगे. साथ ही काजू और कोको के लिए भी अलग से कार्यक्रम प्रस्तावित किया गया है. ताकि भारत कच्चे काजू और कोको के उत्पादन में आत्मनिर्भर बन सके और निर्यात को बढ़ावा मिले. 

चंदन की खेती को फिर मिलेगा पुराना गौरव 

वित्त मंत्री ने भारतीय चंदन की सांस्कृतिक और आर्थिक अहमियत पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि चंदन सिर्फ एक फसल नहीं बल्कि कि देश की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा है. सरकार राज्यों के साथ मिलकर चंदन की खेती, संरक्षण और वैल्यू चैन विकास पर काम करेगी, ताकि इसकी खोई हुई गरिमा को फिर से बहाल किया जा सके. इससे किसानों और वन क्षेत्र पर निर्भर समुदायों की आय बढ़ने की उम्मीद है. 

अखरोट और बादाम जैसी फसलों को मिलेगा समर्थन 

यूनियन बजट 2026 में नट्स और हाई वैल्यू वाली फसलों पर भी ध्यान दिया गया है. वित्त मंत्री ने कहा कि अखरोट, पाइननट्स और बादाम जैसे पौष्टिक और ज्यादा कीमत देने वाली फसलों में किसानों को निवेश के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा. खासकर नॉर्थ ईस्ट और अन्य उपयुक्त क्षेत्र में इसके लिए किसानों को प्रोत्साहित करेंगे. वहीं निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस बजट में छोटे और सीमांत किसानों को केंद्र में रखा गया है. सरकार का उद्देश्य ऐसी योजनाओं के जरिए किसानों की आय को स्थायी रूप से बढ़ाना है, ताकि खेती एक लाभकारी और टिकाऊ पेशा बन सके.

ये भी पढ़ें-बिहार में बांस की खेती बनेगी कमाई का मजबूत जरिया, सरकार दे रही है 50 फीसदी सब्सिडी



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