हिंसक हो चुके सत्ता विरोधी प्रदर्शनों के बीच बांग्लादेश ने अपना नया चीफ जस्टिस चुन लिया है। पूर्व मुख्य न्यायाधीश ओबैदुल हसन के इस्तीफा देने के कुछ घंटे बाद ही बांग्लादेश की अंतरिम सरकार की तरफ से शनिवार को देर रात नए चीफ जस्टिस के नाम का ऐलान किया गया। इस ऐलान के साथ ही सैयद रेफत अहमद बांग्लादेश के 25वे मुख्य न्यायाधीश बन गए हैं।बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शाहबुद्दीन ने संविधान के तहत जस्टिस सैयद रेफत अहमद को बांग्लादेश के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया है।
कौन है सैयद रेफात अहमद
बांग्लादेश के नए मुख्य न्यायाधीश बन चुके सैयद रेफात अहमद का जन्म 28 दिसम्बर 1958 को हुआ था। उनके पिता, बैरिस्टर सैयद इश्तियाक अहमद बांग्लादेश के पूर्व अटॉर्नी जनरल के रूप में कार्य कर चुके हैं, जबकि उनकी मां डॉं सूफिया अहमद बांग्लादेश की राष्ट्रीय प्रोफेसर और ढाका विश्वविद्यालय में इस्लामी इतिहास और संस्कृति की एक प्रमुख प्रोफेसर थीं।
इससे पहले शनिवार दोपहर को चीफ जस्टिस ओबैदुल हसन ने इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे की मांग कर रहे प्रदर्शनकारी छात्रों ने शनिवार सुबह से ही सुप्रीम कोर्ट को घेरना शुरू कर दिया था। पहले चीफ जस्टिस हसन ने जजों की एक संयुक्त मीटिंग बुलाने का फैसला किया था, जिसे लेकर छात्रों ने उनके इस्तीफे की मांग शुरू कर दी थी। प्रदर्शनकारी छात्रों ने अल्टीमेटम दिया था कि अगर उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया तो सभी जजों के आवासों पर घेराव किया जाएगा।
बड़ी संख्या में सुप्रीम कोर्ट पहुंचे छात्रों ने नारेबाजी करना शुरू कर दी। बांग्लादेशी सेना वहां पर सुरक्षा के लिए मौजूद थी। सेना लगातार छात्रों ने शांति बनाए रखने की अपील कर रही थी। प्रदर्शनकारी छात्रों का चीफ जस्टिस पर आरोप था कि वह पूर्व पीएम शेख हसीना से मिले हुए हैं और उनके कहे मुताबिक काम कर रहे हैं। शेख हसीना पहले ही 5 अगस्त को इस्तीफा देकर भारत आ गई हैं।


