Tuesday, March 24, 2026
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ज्ञानवापी तहखाने में पूजा रोकने की मांग, मुस्‍ल‍िम पक्ष हाईकोर्ट पहुंचा, डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के आदेश को चुनौती


प्रयागराज: वाराणसी की डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने ज्ञानवापी मस्जिद स्थित व्यास जी के तहखाने में हिंदू पक्ष को पूजा का अधिकार दिया था. 31 साल बाद वहां पहली बार पूजा की गई. जिसे रोकने की मांग को लेकर मुस्‍ल‍िम पक्ष अब हाईकोर्ट पहुंच गया है. अंजुमन इंतजामिया मसाज‍िद कमेटी ने हाईकोर्ट में पुनरीक्षण याच‍िका दाख‍िल की है और डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के फैसले पर रोक लगाने की मांग की है.

जैसे ही यह खबर सामने आई, व्‍यास जी पर‍िवार के शैलेंद्र पाठक भी हाईकोर्ट पहुंच गए. उन्‍होंने कैविएट दाख‍िल कर याच‍िका पर उन्‍हें भी सुनवाई का अवसर देने की मांग की. मुस्‍ल‍िम पक्ष ने जिला अदालत में भी एक अर्जी दी है, जिसमें पूजा को कम से कम 15 दिन के ल‍िए रोकने की गुहार लगाई गई है. इसके पीछे हाईकोर्ट में अपील की दलील दी गई है. मसाज‍िद कमेटी के लोगों का कहना है कि जब मामला हाईकोर्ट में पहुंच गया है, तो एक बार वहां फैसला हो जाने दिया जाए. इसके बाद अदालत जो कहेगी उसके ह‍िसाब से होगा. डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में इस पर 5 फरवरी को सुनवाई होनी है.

आधी रात को ज्ञानवापी की बैरिकेडिंग हटाई
इससे पहले डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने आधी रात को ज्ञानवापी परिसर की बैरिकेडिंग हटाई थी. कर्मकांडी गणेश्वर शास्त्री और मंदिर के अध‍िकारी कौशल राज शर्मा ने वहां पूजा की. लगभग तीन बजे पूजा पाठ करवाकर अधिकारी मंदिर परिसर से बाहर आए. बता दें क‍ि 1991 में तत्कालीन मुलायम सिंह सरकार के आदेश पर व्यासजी के तहखाने में पूजा बंद करवा दी गई थी और वहां लोहे की बैरिकेडिंग कर दी गई थी. जिसके बाद ही हिंदुओं में आक्रोश था.

Tags: Gyanvapi controversy, Gyanvapi Masjid, Gyanvapi Mosque



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