Wednesday, February 25, 2026
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डायनासोर युग में ‘आग का गोला’ था चांद, वैज्ञानिकों ने किया बड़ा दावा


चीन के वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि लगभग 12 करोड़ साल पहले चांद पर ज्वालामुखी विस्फोट हो रहे थे। चांद से लाए गए छोटे-छोटे कांच जैसे टुकड़ों के अध्ययन के बाद वैज्ञानिकों ने यह दावा किया है। एबीसी न्यूज के मुताबिक धरती पर जब डायनासोर का युग चल रहा था, उसी वक्त चांद पर ज्वालामुखी विस्फोट भी हो रहे थे। कांच के टुकड़ों में पाया गया केमिकल कंपोजीशन बताया है कि चांद पर कभी लावा की नदियां बहती थीं।

इससे पहले चांग ई 5 मिशन के तहत लाए गए चट्टानों के टुकड़ों से पता लगाया गया था कि करीब 2 अरब साल पहले चांद पर ज्वालामुखी विस्फोट हुआ होगा। हालांकि नई स्टडी ने उसे गलत करार दे दिया है। जर्नल साइंस में छपी रिसर्च में कहा गया है कि यह अप्रत्याशित जरूर है लेकिन पूरी संभावना है कि 12 करोड़ साल पहले ही चांद पर आग उगलने वाले ज्वालामुखी रहे हों।

इससे पहले 2014 में नासा के ऑर्बिटर ने पता लगाया था कि चांद पर ज्वालामुखी विस्फोट की घटनाएं हुई हैं और ग्लास बीड्स चांद पर मौजूद हैं। चांग ई 5 मिशन के तहत अपोलो मिशन के बाद पहली बार चांद से चट्टान के टुकड़े धरती पर लाए गए थे। इस रिसर्च के वैज्ञानिक हे युयांग ने कहा कि इससे यह समझने में मदद मिलेगी की चंद्रमा, पृथ्वी और अन्य ग्रहों पर कितने दिनों तक ज्वालामुखी ऐक्टिव थीं।

वैज्ञानिकों ने कम से कम 3 हजार ग्लास बीड्स पर अध्ययन किया। इसके बाद पता चला कि इनकी उत्पत्ति ज्वालामुखी विस्फोट की वजह से ही हुई है। चांद पर ज्वालामुखी फटने और फिर ठंडी होने के बाद ये टुकड़े बने हैं। हाल ही में चीन का आंतरिक्ष यान चांग ई 6 चंद्रमा से सैंपल लेकर वापस लौटा है। वह चंद्रमा के उस हिस्से से सैंपल लाया है जिसे धरती से नहीं देखा जा सकता। यह लैंडर 1 जून को चंद्रमा पर उतरा था। नमूने इकट्ठे करने के बाद लैंडर ने असेंड मॉड्यूल को वहां से लॉन्च कर दिया। ये सैंपल चांग ई 6 को ट्रांसफर कर दिए गए। इसके बाद ये नमूने पृथ्वी पर पहुंचाए गए।



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