हाइलाइट्स
भारत सरकार AI के फायदों को ध्यान में रखते हुए नुकसान के सबंध में नीति बना रही है.
केंद्रीय मंत्री ने यह स्पष्ट कर दिया कि सरकार की नई AI नीति इसी साल जून-जुलाई में आएगी.
मुंबई. इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने मंगलवार को कहा कि सरकार कृत्रिम मेधा (AI) के लिए इस साल जून-जुलाई तक नियमों का मसौदा जारी करेगी. यहां सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों के शीर्ष निकाय नैसकॉम (नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विसेज कंपनजी) के दो दिन के ‘लीडरशिप’ शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘सरकार एआई नियमन ढांचे के मसौदे पर काम कर रही है. इसे इस साल जून या जुलाई में जारी किया जाएगा. हमारा इरादा आर्थिक वृद्धि को गति देने के लिए एआई का उपयोग करना और उससे संभावित जोखिम और नुकसान का समाधान करना है.’’
चंद्रशेखर ने कहा कि सरकार एआई प्रशिक्षित व्यक्तियों को तैयार करने के लिए भी प्रतिबद्ध है. मंत्री ने कहा, ‘‘हम एआई की क्षमता का पूरी तरह से उपयोग करेंगे, लेकिन दुरुपयोग को रोकने के लिए उपाय भी करेंगे. आज दुनिया हमें एआई प्रौद्योगिकी का उपयोग करने के मामले में अगुवा देख रही है. हम सभी खेत से लेकर कारखानों तक उपयोग के मामलों में एआई को तैनात करने के पक्ष में हैं. हम आर्थिक वृद्धि, स्वास्थ्य देखभाल, कृषि और किसानों की उत्पादकता के लिए एआई का उपयोग करना चाहते हैं.’’
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सरकार लंबे समय से एआई विनियमन ढांचा जारी करने की योजना बना रही है. पिछले साल मई में भी उन्होंने रूपरेखा का पहला मसौदा जारी करने की बात कही थी. हालांकि, इसे अभी तक जारी नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि इंटरनेट और एआई की व्यापक प्रकृति को देखते हुए, यह महत्वपूर्ण है कि एक वैश्विक व्यवस्था हो जो एआई की सुरक्षा और भरोसा सुनिश्चित करे.
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Tags: Artificial Intelligence, Central government, Modi government
FIRST PUBLISHED : February 20, 2024, 19:59 IST


