Thursday, April 2, 2026
Google search engine
Homeकृषि समाचारतपती धूप में भी लहलहा रही है ये 'विदेशी लाल फसल', कम...

तपती धूप में भी लहलहा रही है ये ‘विदेशी लाल फसल’, कम पानी में किसानों की चांदी ही चांदी


Dragon Fruit Farming Tips: आजकल खेती का मतलब सिर्फ गेहूं और धान उगाना नहीं रह गया है. अगर आप भी लीक से हटकर कुछ ऐसा करना चाहते हैं. जो कम मेहनत में बैंक बैलेंस बढ़ा दे. तो ड्रैगन फ्रूट यानी कमलम आपके लिए एकदम परफेक्ट है. यह विदेशी दिखने वाली लाल फसल आज के दौर के स्मार्ट किसानों की पहली पसंद बन चुकी है. रेगिस्तानी और रेतीली जमीन, जहां दूसरी फसलें दम तोड़ देती हैं. वहां यह कैक्टस प्रजाति का पौधा शान से लहलहाता है. 

सबसे मजे की बात तो यह है कि इसे चिलचिलाती धूप और पानी की किल्लत से कोई खास फर्क नहीं पड़ता. एक बार आपने इसके खंभे खड़े कर दिए और पौधे लगा दिए. तो समझ लीजिए कि अगले 20-25 सालों के लिए आपकी पेंशन का इंतजाम हो गया है. जान लीजिए कैसे यह गुलाबी फल आपकी किस्मत बदल सकता है.

कम पानी और जीरो मेंटेनेंस

ड्रैगन फ्रूट की खेती उन इलाकों के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है जहां सिंचाई की किल्लत है. चूंकि यह मूल रूप से कैक्टस फैमिली से आता है. इसलिए इसे बहुत कम पानी की जरूरत होती है. ड्रिप इरिगेशन के जरिए आप नाममात्र के पानी में भी इसकी बंपर पैदावार ले सकते हैं. इसमें खाद और कीटनाशकों का खर्च भी पारंपरिक फसलों के मुकाबले बेहद कम है. आवारा पशु भी कांटों की वजह से इसे नुकसान नहीं पहुंचाते. जिससे आपकी फेंसिंग की टेंशन और रखवाली का खर्चा बच जाता है:

  • एक बार प्लांटेशन करने के बाद दूसरे साल से ही फल आना शुरू हो जाते हैं, जो समय के साथ बढ़ते ही जाते हैं.
  • इसके पौधों को बहुत ज्यादा देखरेख की जरूरत नहीं पड़ती, बस सही समय पर कटाई-छंटाई (Pruning) ही काफी है.
  • यह फसल खराब मौसम और सूखे को झेलने में माहिर है, जिससे किसान का रिस्क फैक्टर लगभग खत्म हो जाता है.

यह भी पढ़ें: यह देसी जुगाड़ लगा लिया तो आम कभी नहीं होगा खराब, सिर्फ इस छोटी-सी चीज की होती है जरूरत

मार्केट में भारी डिमांड 

आजकल हेल्थ के प्रति जागरूक लोग अपनी डाइट में सुपरफूड्स शामिल कर रहे हैं और ड्रैगन फ्रूट इस लिस्ट में टॉप पर है. इम्युनिटी बढ़ाने और प्लेटलेट्स के लिए डॉक्टर भी इसे रिकमेंड करते हैं. जिसकी वजह से मार्केट में इसकी कीमतें हमेशा हाई रहती हैं. एक एकड़ में करीब 400 से 500 पोल लगाए जा सकते हैं और हर पोल से अच्छी-खासी पैदावार मिलती है. मंडी में यह फल वजन के हिसाब से नहीं. बल्कि अक्सर प्रति पीस के हिसाब से भी अच्छे दामों पर बिकता है, जिससे मुनाफे का ग्राफ सीधा ऊपर जाता है:

  • बड़े शहरों के सुपरमार्केट्स और फ्रूट आउटलेट्स में प्रीमियम क्वालिटी के ड्रैगन फ्रूट की डिमांड 12 महीने बनी रहती है.
  • सफेद गूदे वाले के मुकाबले लाल गूदे (Red Flesh) वाले ड्रैगन फ्रूट की कीमत बाजार में और भी ज्यादा मिलती है.
  • आप सीधे एक्सपोर्टर्स या लोकल रिटेलर्स से जुड़कर बिचौलियों का मोटा कमीशन बचा सकते हैं और अपनी मेहनत का पूरा फल पा सकते हैं.

यह भी पढ़ें: घर के बेकार पड़े गमलों को बनाएं नोट छापने की मशीन, माइक्रो ग्रीन्स उगाकर बड़े होटलों में करें सप्लाई



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments