नोबेल पुरस्कार से सम्मानित अर्थशास्त्री मोहम्मद यूनुस ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख के रूप में शपथ ली है। 84 वर्षीय यूनुस को राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने राष्ट्रपति भवन ‘बंगभवन’ में आयोजित एक समारोह में पद की शपथ दिलाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोहम्मद यूनुस को अंतरिम सरकार का प्रमुख बनने पर बधाई दी है। अपने शुभकामना संदेश में पीएम मोदी ने लिखा है, भारत हमारे दोनों देशों की जनता की साझा आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए बांग्लादेश के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। पीएम मोदी ने बांग्लादेश में तेजी से स्थिति सामान्य होने की उम्मीद जताई और देश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा का आह्वान किया है।
वर्ष 2006 में नोबेल पुरस्कार पाने वाले यूनुस को मंगलवार को राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन द्वारा संसद भंग किए जाने के बाद अंतरिम सरकार का प्रमुख नियुक्त किया गया था। इससे पहले आरक्षण प्रणाली के खिलाफ व्यापक प्रदर्शनों के बीच शेख हसीना सोमवार को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देकर देश छोड़कर चली गई थीं।
प्रो. यूनुस और उनकी अंतरिम सरकार में शामिल अन्य सदस्यों को भी बंगलादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने गणभवन के दरबार हॉल में पद और गोपनीयता की शपथ दिलायी। इस अंतरिम सरकार में प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस मुख्य सलाहकार होंगे, जबकि सैयदा रिजवाना हसन बंगलादेश पर्यावरण वकील एसोसिएशन (बेला) की मुख्य कार्यकारी होंगीं। शपथ लेने वालों में महिला अधिकार कार्यकर्ता फरीदा अख्तर, ओधिकार के संस्थापक आदिलुर रहमान खान, एएफएण खालिद हुसैन हिफाजत-ए-इस्लाम के नायब-ए-अमीर एवं इस्लामी आंदोलन बंगलादेश के सलाहकार, नूरजहां बेगम ग्रामीण दूरसंचार ट्रस्टी, शरमीन मुर्शिद स्वतंत्रता सेनानी, सुप्रदीप चकमा भी शामिल हैं।
डॉ यूनुस को अंतरिम सरकार का प्रमुख बनाने की मांग बंगलादेश के छात्र संगठनों की तरफ से उठाई गई थी। उन्होंने सेना समेत सभी राजनीतिक दलों को चेतावनी दी थी कि वे किसी दूसरे को प्रमुख बनाने को स्वीकार नहीं करेंगे। ऐसे में विदेश में मौजूद डॉ यूनुस गुरुवार को अपराह्न में बंगलादेश पहुंचे और ढाका हवाई अड्डे पर सशस्त्र बलों के प्रमुख, नागरिक समाज के सदस्यों और छात्र नेताओं से मिले।


