पीयूष शर्मा/मुरादाबादः अक्सर देखा जाता है कि हमारे आसपास बहुत सारे पेड़ पौधे होते हैं, लेकिन हमें जानकारी नहीं होती है. बहुत से पेड़ पौधे ऐसे होते हैं, जो कि औषधि के रूप में भी काफी कारगर माने जाते हैं. इससे कई प्रकार की बीमारियों को दूर किया जा सकता है. इसमें सप्तपर्णी पेड़ भी शामिल है. इसे आम बोलचाल में शैतान का पौधा भी कहा जाता है. यह मलेरिया के साथ-साथ अन्य कई बीमारियों में भी लाभदायक साबित होता है.
मुरादाबाद के हिन्दू कॉलेज विश्विद्यालय में वनस्पति विज्ञान के असिस्टेंट प्रोफेसर अमित वेश ने बताया कि इस पेड़ के कई नाम है. इसे सप्तपर्णी कहा जाता है. इसकी पत्तियों का जो चक्र होता है, उसमें सात पत्तियां पाई जाती हैं. कई बार पत्तियों की संख्या 4 से 10 तक भी हो सकती है. इसे डेविल्स ट्री भी कहते हैं. इसके अलावा इसे शैतान का पौधा भी कहा जाता है. साथ ही बताया कि इसमें मिल्की लैटेस्ट होता है, जो कि पॉइजनेस होता है. इसकी वजह से इसे जानवर नहीं खाते हैं. अक्सर इसे रोड साइड ट्री के रूप में भी लगाया जाता है.
मलेरिया समेत कई रोगों की करता है छुट्टी
असिस्टेंट प्रोफेसर अमित वेश ने बताया कि सप्तपर्णी औषधीय रूप से बहुत काम का है. दरसअल इसकी छाल बहुत लाभकारी होती है. यह मलेरिया में बहुत कारगर है. अमूमन कुनैन का इस्तेमाल मलेरिया में किया जाता है, लेकिन मरीज को पसीना आता है, लेकिन सप्तपर्णी के इस्तेमाल से रोगी को पसीना नहीं आता है. इसके अलावा इसे गठिया के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है. वहीं, सप्तपर्णी की छाल का प्रयोग सांप काटने, पेट दर्द, सर्दी-जुकाम और दांतों की मालिश के लिए भी किया जाता है.
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FIRST PUBLISHED : January 30, 2024, 11:15 IST
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