नई दिल्ली. सड़क हादसों की बात होती है तो यही कहा जाता है कि जो वाहन जितनी तेज स्पीड से चलता है, हादसे की संभावना उतनी ही अधिक है. यह सही है लेकिन इसका मतलब यह भी नहीं है कि जो वाहन धीमी स्पीड से चलता है वह पूरी तरह से सुरक्षित है. बिलकुल धीमे चलने वाले कुछ वाहन बस, ट्र्रक और ऑटो से ज्यादा हादसों का शिकार होते हैं. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के हालिया जारी हुई रिपोर्ट के आंकड़ें आपको चौंका सकते हैं. आइए जानें ये कौन से वाहन होते हैं?
रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2022 के दौरान राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) द्वारा कुल 4,61,312 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 1,68,491 लोगों ने जान गंवाई और 4,43,366 लोग घायल हो गए. पिछले वर्ष की तुलना में दुर्घटनाओं में 11.9 फीसदी, मृत्यु में 9.4 फीसदी और घायलों में 15.3 फीसदी की वृद्धि हुई है.
रिपोर्ट के अनुसार बस, ट्र्रक और ऑटो की तुलना में धीमी रफ्तार में चलने वाली बैलगाड़ी और रिक्शे हादसों के शिकार हुए हैं. 1133 हादसों की चपेट में बैलगाड़ी अन्य जानवर द्वारा खींचे जाने वाले वाहन और रिक्शा आए हैं. यह कुल हुए हादसों का 6.7 फीसदी के करीब है. वहीं, 6596 (3.9 फीसदी) ऑटो रिक्शा, बस 10584 (6.3 फीसदी) व 4004 (2.4 फीसदी) बसें सड़क हादसों की चपेट में आयी हैं. इस तरह सबसे धीमे चलने वाले वाहन ज्यादा हादसों की चपेट में आए हैं.
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Tags: Road accident
FIRST PUBLISHED : November 2, 2023, 20:10 IST


