भरतपुर. राजस्थान के भरतपुर में धर्म परिवर्तन के मामले को लेकर मचे बवाल के बाद संघ खेमे ने इसको लेकर बड़े आरोप लगाए हैं. हिन्दू संगठन संघ का आरोप है कि वहां महज 500 रुपये में देकर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा था. उनसे कहा गया था कि आप ईसाई धर्म अपना लीजिए हम आपके बच्चों की शादी और घर में सहायता करेंगे. पुलिस ने इस केस को शिकायत से इतर कमजोर मामला बनाया. इसके कारण आरोपियों को मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने की बजाय थाने से ही रात को जमानत पर रिहा कर दिया गया.
संघ सूत्रों का आरोप है कि भरतपुर के होटल सोनार हवेली में रविवार को ईसाई मिशनरी की ओर से धर्म परिवर्तन कराया जा रहा था. विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कर्यकर्ता वहां पहुंचे और सभा के वीडियो बना लिए. इस दौरान दोनों पक्षों में छीनाझपटी हुई. मौके पर मथुरा गेट थाना पुलिस पहुंची थी. बाद में पकड़े लोगों को अटल बंद थाने ले जाया गया.
संघ का आरोप है कि वहां ईसाई मिशनरी के 15 लोग 300 लोगों का धर्म परिवर्तन करा रहे थे. उन्होंने हिंदू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी की और कहा कि ईसा-मसीह के पास सभी समस्याओं का हल है. ईसाई धर्म अपनाइए आपकी सभी समस्याएं दूर हो जाएंगी. वह चाहे पैसे से संबंधित हो या बीमारी से संबंधित हो. ईसाई मिशनरी के लोगों ने ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रत्येक महिला को 500 रुपए दिए थे.
संघ सूत्रों का आरोप है कि मथुरा गेट थाना पुलिस ने 4 लोगों को पकड़ा. वे चारों भरतपुर के नगर थाना इलाके के तुहिया क्षेत्र के रहने वाले हैं. कुंवर सिंह इस षड्यंत्र का सरगना है. उसने मौके पर कबूल किया कि भरतपुर में ही 20-25 जगहों पर धर्मांतरण चल रहा है. उसे चंडीगढ़ से विजेंद्र सिंह फंडिंग देकर ये काम करवा रहा है.
संघ सूत्रों का कहना है कि भरतपुर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में इसकी शिकायत कर कठोर कार्रवाई की मांग की गई है. मतांतरण कराने वाले सभी लोग पूर्व में मतांतरित हो चुके थे. मौके पर पुलिस के सामने उन्होंने स्वीकार किया कि इसके बदले पैसे का लालच दिया गया है. वहां किसी को बीमारी ठीक करने के बहाने तो किसी को धार्मिक सभा के बहाने बुलाया गया था. लेकिन वहां मौजूद लोगों ने कहा कि उन्हें कोई बीमारी नहीं है. महिलाएं 500 रुपये के लिए आईं थी.
उनका टारगेट पर एससी, एसटी, शहरी बस्तियों में रहने वाले अल्प आय वर्ग के लोग अपेक्षाकृत कम पढ़े-लिखे लोग थे. महिलाओं ने स्थानीय मीडिया को बताया कि आयोजन में हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ अपशब्द के जरिए भड़काया गया. पैसों का लालच दिया गया. ईसाई धर्म और ईसाह मसीह का महिमामंडन करते हुए उनका मतांतरण कराया जाता है.
लोगों ने बताया कि मिशनरी के लोग हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियों को कुएं या तालाब में फेंककर आने के लिए कहते हैं. भगवान को भोग लगाने के लिए मना करते हैं. यीशु की प्रार्थना को ही सब कुछ बताते हैं. महिलाएं अपने पति के शराब की लत छुड़वाने का मुद्दा उठाती हैं तो उन्हें कहा गया कि सीने पर क्रॉस का निशान बनाएं इससे लत छूट जाएगी.
संघ सूत्रों का कहना है कि राजस्थान में जयपुर, भरतपुर, सीकर, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर और अलवर समेत 13 जिलों में ईसाई मिशनरी एक्टिव हैं. वे पूरे राजस्थान में अपने पैर जमाने की कोशिश कर रही हैं. करीब 3 लाख लोग इन मिशनरियों के संपर्क में हैं. भरतपुर में डीग कस्बे के नगर में 3 साल पहले 6 परिवारों के 35 सदस्यों ने ईसाई मत अपना लिया था. लेकिन पिछले साल उन्होंने स्वेच्छा से पुन: हिंदू धर्म अपना लिया.
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FIRST PUBLISHED : February 12, 2024, 16:03 IST


