बांग्लादेश में लगातार जारी प्रदर्शनों के बीच पीएम हसीना ने देश छोड़ दिया है। शेख हसीना प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देकर भारत पहुंच चुकी हैं इसके बाद बांग्लादेशी सेना प्रमुख ने अंतरिम सरकार बनाने का ऐलान कर दिया है। आज शाम को हसीना सी130-जे सुपर हरक्यूलिस विशेष अभियान विमान में दिल्ली के बाहर हिंडन हवाई अड्डे पर उतरीं।
इस उथल-पुथल के बीच अब बांग्लादेश और भारत के बीच होने वाले सबसे बड़े बहुपक्षीय हवाई युद्ध अभ्यास, तरंग शक्ति24 में बांग्लादेशी वायु सेना की भागीदारी पर सवालिया निशान खड़ा हो गया है। अगस्त और सितंबर के दौरान होने वाले इस युद्ध अभ्यास का पहला चरण मंगलवार से शुरू हो रहा है। बांग्लादेश के इसमें शामिल होने का समय अगस्त के अंतिम सप्ताह में होने वाले चरण में था। इस युद्धाभ्यास में भारत और बांग्लादेश सहित 10 और देशों की वायुसेनाएं हिस्सा लेंगी।
तरंग शक्ति हवाई युद्धाभ्यास, 6 से 14 अगस्त तक तमिलनाडु के सुलूर हवाई अड्डे पर और 29 अगस्त से 14 सितंबर तक जोधपुर में आयोजित किया जाएगा। इससे इसमें शामिल सभी देशों की सेनाओं के बीच में आपसी समन्वय बनेगा। इस युद्धाभ्यास में अमेरिका, ब्रिटेन,ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, जर्मनी,स्पेन, ग्रीस,संयुक्त अरब अमीरात और सिंगापुर की सेनाएं शामिल होंगी। भारत के दो प्रमुख साझेदार रूस और इजरायल इस युद्धाभ्यास में अपने देशों में चल रहे घटना क्रम के कारण हिस्सा नहीं ले रहे हैं।
हाल ही में बांग्लादेशी वायुसेना के प्रमुख का पद संभालने वाले एयर चीफ मार्शल हसन महमूद खान ने कुछ समय पहले ही बांग्लादेश के इस युद्धअभ्यास में शामिल होने की पुष्टि की थी।
हालांकि वायुसेना के एक अधिकारी ने इस मामले पर जानकारी देते हुए कहा कि उस देश में राजनीतिक संकट है और ऐसा समझ आ रहा है कि सैन्य बलों ने स्थिति पर अपना नियंत्रण कर लिया है। हमें इंतजार करना होगा और यह देखना होगा कि क्या बांग्लादेश अभी भी अभ्यास में हिस्सा लेगा या नहीं क्योंकि अब जबकि उस देश में हालात बदल चुके हैं तो प्राथमिकताएं भी बदल चुकी है।
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भारत के तेजस,ध्रुव,प्रचंड,राफेल जैसे वायुयान होंगे शामिल
भारतीय वायुसेना के उप प्रमुख एयर मार्शल एपी सिंह ने 31 जुलाई को अभ्यास के उद्घाटन अवसर पर कहा कि तरंग शक्ति 24 भारत को अपनी स्वदेशी सैन्य क्षमताओं को दुनिया के सामने प्रदर्शित करने की अनुमति देगा। अभ्यास के प्रत्येक चरण में लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर, विशेष संचालन विमान, मध्य हवा में ईंधन भरने वाले और हवाई चेतावनी और नियंत्रण प्रणाली (AWACS) विमान सहित 70-80 विमानों की भागीदारी शामिल होगी।
तेजस हल्का लड़ाकू विमान (एलसीए एमके-1), प्रचंड हल्का लड़ाकू हेलीकॉप्टर, ध्रुव उन्नत हल्का हेलीकॉप्टर और इसका सशस्त्र संस्करण रुद्र अभ्यास में भाग लेने वाली मेक इन इंडिया के तहत बनाए गए प्रमुख संपत्तियों में से हैं।


