Wednesday, February 11, 2026
Google search engine
Homeदेशबाघ के आराम में नहीं पड़ना चाहिए खलल, केंद्र का जंगल में...

बाघ के आराम में नहीं पड़ना चाहिए खलल, केंद्र का जंगल में मोबाइल टावर लगाने से इनकार


जंगल के राजा के आराम में कोई बाधा न आए इसके सरकार ने पूरे इंतजाम किए हैं. केंद्र सरकार ने देश में बाघ वाले प्रमुख इलाकों में मोबाइल टावर लगाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है. पर्यावरण मंत्रालय ने इस बात पर चिंता व्यक्त की है मोबाइल टावर लगने से जंगल में आपराधिक गतिविधियां बढ़ जाएंगी.

पर्यावरण मंत्रालय ने एक आदेश में इस बात पर प्रकाश डाला कि राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (एससीएनबीडब्ल्यूएल) की स्थायी समिति को राष्ट्रीय उद्यानों, अभयारण्यों, बाघ अभयारण्याों और गलियारे में मोबाइल टावर के निर्माण और ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने के लिए बड़ी संख्या में प्रस्ताव प्राप्त हो रहे हैं. कहा गया है कि वन्यजीवों से समृद्ध इलाकों के भीतर या उसके आस-पास रहने वाले लोगों को संचार सुविधा प्रदान करने को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, लेकिन ऐसे टावर लगाये जाने आदि से वन्यजीव पर्यावासों की सुरक्षा और संरक्षण प्रभावित नहीं होनी चाहिए.

मंत्रालय ने यह भी चिंता जतायी कि वन और वन्यजीव कानूनों के अपराधियों द्वारा मोबाइल कनेक्टिविटी का दुरुपयोग किया जा सकता है. सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य वन्यजीव वार्डन और संचार मंत्रालय को जारी आदेश में कहा गया है, ‘वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत अधिसूचित प्रमुख/महत्वपूर्ण बाघ पर्यावास को टावर की स्थापना से बचाया जाना चाहिए।’

मंत्रालय ने कहा कि जंगली इलाकों में 4जी कनेक्टिविटी के लिए राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति की सिफारिश की मांग वाले किसी भी प्रस्ताव के साथ संबंधित जिला मजिस्ट्रेट का एक शपथपत्र होना चाहिए जिसमें यह बताया जाए कि वैकल्पिक राजस्व/निजी भूमि की उपलब्धता नहीं है. आदेश में कहा गया है कि इसमें आवश्यक भूमि के भीतर प्रस्तावों के विभिन्न घटकों के स्थान के चित्र/स्केच और टावर के निर्माण और उनके रखरखाव के लिए उपकरण और कर्मियों की आवाजाही की योजना भी शामिल होनी चाहिए.

उपयोगकर्ता एजेंसी को एक वचन देना होगा कि वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के उल्लंघन के लिए संदिग्ध व्यक्तियों के कॉल डेटा रिकॉर्ड उस क्षेत्र पर अधिकार क्षेत्र वाले कम से कम उप वन संरक्षक के पद के अधिकारी द्वारा अनुरोध किए जाने पर प्रदान किए जाएंगे. यह भी कहा कि उच्च विकिरण क्षेत्रों के ओवरलैपिंग को रोकने के लिए मौजूदा टावर के एक किलोमीटर के दायरे में नए टावर स्थापित नहीं किए जाने चाहिए.

मंत्रालय ने कहा है कि यदि नए टावर बनाने की आवश्यकता है, तो इन्हें अत्यधिक सावधानी के साथ खड़ा किया जाना चाहिए ताकि पक्षियों के उड़ान पथ में बाधा न आए और क्षेत्र के सभी टावर से संयुक्त विकिरण में वृद्धि न हो.

Tags: Mobile tower, Tiger, Tiger reserve in india



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments