गुवाहाटी. कांग्रेस की असम इकाई के अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा पर रविवार को पार्टी की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के दौरान सोनितपुर में हमला किया गया, जबकि वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयराम रमेश की कार को भी निशाना बनाया गया. कांग्रेस ने बोरा पर हमले की घटना में भाजपा के एक विधायक और उनके समर्थकों का हाथ होने का आरोप लगाते हुए मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की.
असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) के प्रवक्ता बेदब्रत बोरा के अनुसार, भीड़ ने भूपेन बोरा की कार को रोक दिया, जब वह संक्षिप्त विराम के बाद यात्रा के मुख्य काफिले में शामिल होने के लिए गाड़ी चला रहे थे. बेदब्रत ने कहा, ‘जैसे ही भीड़ उनके काफिले के सामने आई, हमारे (प्रदेश) अध्यक्ष यह देखने के लिए अपनी कार से बाहर निकले कि क्या हो रहा है. उनकी नाक पर मुक्का मारा गया, जिससे खून बहने लगा.’
किस शख्स ने राम मंदिर निर्माण के लिए दिया ब्रिटेन और यूरोप से ज्यादा दान, कहता है खुद को फकीर
बोरा ने बताया कि पार्टी के एक अन्य कार्यकर्ता हृदय दास गंभीर रूप से घायल हो गए और फिलहाल अस्पताल में भर्ती हैं. प्राथमिक उपचार प्राप्त कराने के बाद, पार्टी के प्रदेश प्रमुख ने यात्रा के तहत एक जनसभा में शिरकत करने के साथ अपने निर्धारित कार्यक्रमों को जारी रखा. बेदब्रत ने कहा कि सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का इलाके में एक कार्यक्रम हो रहा था और माना जा रहा है कि इस घटना के पीछे उसमें शामिल लोगों का हाथ है.
उन्होंने कहा, ‘हमारी सोनितपुर जिला इकाई के अध्यक्ष ने जमुगुरीहाट में पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी है. हम घटना की कड़ी निंदा करते हैं और तत्काल जांच चाहते हैं. हमें घटना में भाजपा विधायक का हाथ होने का शक है और हमें पुलिस जांच पर भरोसा नहीं है. हम न्यायिक जांच चाहते हैं.’
इससे पहले, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की संचार समन्वयक महिमा सिंह ने बताया कि सोनितपुर जिले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश के वाहन पर भी कथित तौर पर हमला किया गया और पार्टी की यात्रा के साथ जा रहे मीडियाकर्मियों के साथ उपद्रवियों ने “हाथापाई” की.

सिंह ने बताया, ‘जयराम रमेश और कुछ अन्य की कार जमुगुरीहाट के पास यात्रा के मुख्य काफिले में शामिल होने के लिए जा रही थी, तभी उन पर हमला हुआ. हमने पुलिस को सूचित किया और अपर पुलिस अधीक्षक ने घटनास्थल का दौरा किया.’
कांग्रेस नेता ने कहा कि उनके वाहन से ‘न्याय यात्रा’ के स्टिकर हटा दिए गए और हमलावरों ने वाहन पर भाजपा का झंडा लगाने का प्रयास किया, जिससे पिछला शीशा लगभग टूट गया. उन्होंने कहा, ‘यात्रा को कवर कर रहे एक ब्लॉगर का कैमरा, बैज और अन्य उपकरण छीन लिए गए. पार्टी की सोशल मीडिया टीम के सदस्यों के साथ भी बदसलूकी की गई.’
सिंह ने कहा कि इलाके में भाजपा का एक कार्यक्रम हो रहा था और कुछ मीडियाकर्मी फुटेज दिखाने के लिए अपने वाहनों से उतरे थे. कांग्रेस नेता ने कहा, ‘उन्होंने हमारे लिए बहुत भयावह स्थिति पैदा कर दी. उन्होंने ब्लॉगर का कैमरा लौटाने से इनकार कर दिया और दावा किया कि कैमरा छीना नहीं गया था.’ रमेश ने हमले के बारे में ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि ‘अनियंत्रित भाजपाई भीड़’ ने कार के शीशे से न्याय यात्रा के स्टिकर फाड़ दिए, पानी फेंका और यात्रा-विरोधी नारे लगाए.
रमेश ने दावा किया, ‘लेकिन, हमने संयम बनाए रखा, हाथ हिलाकर गुंडों का अभिवादन किया और तेजी से निकल गए. यह निस्संदेह असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा का काम है. हम डरे हुए नहीं हैं और आगे बढ़ेंगे.’ मुख्यमंत्री शर्मा ने रमेश की शुरुआती पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए पुलिस को जांच शुरू करने का निर्देश दिया.
.
Tags: Assam, CM Himanta Biswa Sarma, Congress
FIRST PUBLISHED : January 21, 2024, 23:21 IST


