हाइलाइट्स
स्वामी चिन्मयानंद ने कहा कि सात साल में इस देश का नेतृत्व ‘मेरे लाडले’ के हाथ में होगा.
स्वामी चिन्मयानंद को यौन शोषण के मामले में सबूत के अभाव में अदालत से बरी किया गया.
चिन्मयानंद ने कहा कि ‘देश बदल रहा है और आने वाला बदलाव निश्चित ही सकारात्मक होगा.
शाहजहांपुर. पूर्व केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद (Swami Chinmayanand) ने कहा कि सात साल में इस देश का नेतृत्व ऐसे शख्स के हाथों में होगा, जो ‘मेरा लाडला’ होगा. यौन शोषण के मामले में सबूत के अभाव में अदालत से बरी किए जाने के एक दिन बाद शुक्रवार को मुमुक्षु आश्रम के सभागार में पत्रकारों से बातचीत के दौरान चिन्मयानंद ने कहा कि ‘देश बदल रहा है और आने वाला बदलाव निश्चित ही सकारात्मक होगा. 7 साल के अंदर इस देश का नेतृत्व ऐसे शख्स के हाथों में होगा, जो मेरा लाडला होगा.’ हालांकि उन्होंने साफ नहीं किया कि उनका वह ‘लाडला’ कौन होगा.
स्वामी चिन्मयानंद ने यह भी कहा कि ‘मैं जहां हूं, जितना हूं, बिना राजनीतिक पद के, बिना दायित्व के वह सभी काम मैं कर सकता हूं, जो एक राजनीतिक इंसान कर सकता है.’ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपना करीबी रिश्ता जाहिर करते हुए चिन्मयानंद ने कहा कि ‘मैंने एक सफर में कहा था कि योगी आदित्यनाथ आप गोरखपुर को द्वारकापुरी बना रहे हैं, तो मैं शाहजहांपुर को सुदामा पुरी बनाना चाहता हूं.’ चिन्मयानंद ने नाम लिए बगैर अपने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘जिले को जो भी लाभ मिलने थे, उन्होंने वे खुद हासिल कर लिए, जबकि जनता को कम ही लाभ मिले हैं.’
न्यूयॉर्क तक पर्चा बांटा गया
अदालत के फैसले पर खुशी जाहिर करते हुए पूर्व केन्द्रीय मंत्री चिन्मयानंद ने कहा कि ‘हम न्यायालय का सम्मान करते हैं तथा आज हम सभी पापों से, आरोपों से तथा आक्षेपों से बरी हैं.’ चिन्मयानंद ने कहा कि ‘न्यूयॉर्क में एक पर्चा बांटा गया था. जिसमें हमारा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का फोटो लगाया गया था. इस आरोप की पूरी कहानी लिखी गई थी.’ उन्होंने कहा कि ‘2011 से मेरा पासपोर्ट जब्त कर लिया गया था. जिसके चलते हम अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में भाग नहीं ले पाते हैं, जबकि हम साल में कम से कम दो विदेश यात्राएं करते थे.’

बदनाम करने की कोशिश
चिन्मयानंद ने कहा कि ‘हमें बदनाम करने के लिए हमारे विधि कॉलेज को निशाना बनाया गया और इस घृणित कार्य से इसकी छवि खराब करने तथा नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया.’ गौरतलब है कि पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री तथा मुमुक्षु आश्रम के संस्थापक स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ उन्हीं के कॉलेज में पढ़ाने वाली उनकी एक शिष्या ने वर्ष 2011 में यौन शोषण का मामला दर्ज कराया था. चिन्मयानंद सरस्वती को स्थानीय सांसद-विधायक अदालत के अपर जिला न्यायाधीश एहसान हुसैन ने गुरुवार को मामले की सुनवाई करते हुए सबूत के अभाव में बरी कर दिया.
.
Tags: Rape Case, UP news, Up news in hindi, Up news today
FIRST PUBLISHED : February 2, 2024, 20:12 IST


