Friday, February 27, 2026
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मोदी से प्रेम करो या नफरत, अगले 5000 सालों तक… रामलला की प्राण प्रतिष्ठा पर सोशल मीडिया में क्या चल रहा है?


नई दिल्ली. अयोध्या के राम मंदिर में रामलला के नवीन विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा समारोह देखने के लिए टेलीविजन के सामने लोगों के हाथ जोड़कर खड़े होने और भगवान राम के बाल स्वरूप वाली मूर्ति को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साष्टांग प्रणाम करने जैसी तस्वीरें सोमवार को सोशल मीडिया पर छायी रहीं. इस अवसर पर, सोशल मीडिया पर बधाई संदेशों का तांता लग गया और कई लोगों ने इसे ‘ऐतिहासिक दिन’ करार दिया.

अयोध्या में राम मंदिर के गर्भगृह में सोमवार को श्री रामलला के नवीन विग्रह की प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न हुई, जिसके साक्षी देश-विदेश में लाखों रामभक्त बने. इस अवसर पर विशेष अनुष्ठान में भाग लेने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसे अलौकिक क्षण बताते हुए ‘सियावर रामचंद्र की जय’ और ‘जय श्री राम’ का उद्घोष किया.

लाखों लोगों ने अपने घरों में और देश भर के मंदिरों में टेलीविजन पर पूरे समारोह को देखा. अयोध्या में धार्मिक उत्साह और उत्सव का माहौल रहा, जिसकी झलक सोशल मीडिया मंचों पर भी दिखी. प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने कई गणमान्य व्यक्ति अयोध्या पहुंचे थे और यह समारोह सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर भी ट्रेंड कर रहा था. विभिन्न धर्मों, भौगोलिक क्षेत्रों और सामाजिक पहचान वाले लोगों ने यह उत्सव मनाया, जिसे भारत के राजनीतिक और धार्मिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा.

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) के पूर्व कार्यकारी निदेशक एरिक सोल्हेम ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “बधाई हो भारत! आज भारत के लिए बहुत गर्व का दिन है…नया मंदिर कला और सुंदरता का चमत्कार जैसा दिखता है. यह नए भारत के प्रतीक के रूप में खड़ा होने का विश्वास दिलाता है – इसे अपने इतिहास और विरासत पर गर्व है, देश तेजी से विकसित हो रहा है, और 21वीं सदी में एक प्रमुख शक्ति बनने के लिए तैयार है.” बीएचकेस्लैम्स नाम के अकाउंट से ‘एक्स’ पर पोस्ट किया गया, “500 साल का इंतजार खत्म हुआ…”

प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत की उपस्थिति में ‘प्राण प्रतिष्ठा’ अनुष्ठान में हिस्सा लिया. वहीं, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने समारोह का सीधा प्रसारण देखा.

दीपक कुमार नाम के एक व्यक्ति ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “उनसे (मोदी से) प्रेम करो या नफरत, भारतीय सभ्यता अगले 5,000 वर्षों तक नरेन्द्र मोदी को कभी नहीं भूलेगी. वह अमर हो गए हैं. जैसे ही प्रधानमंत्री मोदी ने प्राण प्रतिष्ठा की, रामलला अपने वास्तविक स्थान पर विराजमान हो गए.”

इम्जयान007 नाम के ‘एक्स’ हैंडल से किये गए एक पोस्ट में, 1990 में प्रधानमंत्री मोदी को कथित तौर पर एक भाषण देते देखा जा सकता है. पोस्ट में लिखा गया है, “अयोध्या में राम का मंदिर सिर्फ भाजपा का सपना नहीं है, प्रधानमंत्री मोदी की आत्मा से निकलने वाली भक्ति की अभिव्यक्ति है जो 1992 में आयोजित एक रैली में राम मंदिर के लिए उनके दिल निकले आंसुओं में देखी जा सकती है.”

विवादित स्थल पर 16वीं शताब्दी का एक ढांचा था जिसके बारे में कई हिंदू मानते हैं कि इसका निर्माण भगवान राम के जन्मस्थान पर किया गया था. उक्त ढांचे को छह दिसंबर 1992 को कार सेवकों ने ध्वस्त कर दिया था. विवादित जमीन पर मालिकाना हक के लिए चली लंबी कानूनी लड़ाई के बाद नवंबर 2019 में उच्चतम न्यायालय ने मंदिर के निर्माण के पक्ष में फैसला दिया और मस्जिद के लिए दूसरी जगह पर पांच एकड़ जमीन आवंटित करने का आदेश दिया.

Tags: Ayodhya, Narendra modi, Ram Mandir, Ram Temple



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