हाइलाइट्स
1992 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी के साथ अयोध्या पहुंचे थे.
अयोध्या में दर्शन करते हुए पीएम मोदी ने शपथ ली थी कि वो अब मंदिर बनने के बाद ही अयोध्या आएंगे.
नई दिल्ली: अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं. राम मंदिर ट्रस्ट और राज्य सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार 22 जनवरी को यादगार पल बनाने के लिए अथक प्रयास कर रही है और आम लोगों से इस कार्यक्रम को जोड़ रही है. इस बीच मोदी अर्काइव नाम के ट्विटर हैंडल से 32 साल पहले की ही कुछ तस्वीरें शेयर की गई हैं, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी के साथ अयोध्या में पूजा-अर्चना करते हुए नजर आ रहे हैं. बता दें कि 1992 में 15 जनवरी को पीएम मोदी मुरली मनोहर जोशी के साथ अयोध्या में राम मंदिर पहुंचे थे. उस वक्त भाजपा के शीर्ष नेताओं के साथ पीएम मोदी कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर तक एकता का संदेश फैलाने के लिए एकता यात्रा कर रहे थे.
इन तस्वीरों को शेयर करने के साथ ही ये भी दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी ने उस वक्त ‘जय श्री राम’ के नारों के बीच प्रतिज्ञा ली थी कि राम मंदिर बनने पर ही वो यहां वापस आएंगे. इन तस्वीरों को शेयर करते हुए लिखा गया है कि अंत में नरेंद्र मोदी सरकार की तपस्या फलीभूत हुई. इसके अलावा यह भी लिखा गया है कि अनगिनत हिंदुओं की सदियों की दृढ़ता के बाद, भगवान श्री राम को उनकी जन्मभूमि पर एक भव्य मंदिर में पुनर्स्थापित किया गया है.
पीएम मोदी ने खाई थी कसम
यह 15 जनवरी 1992 की बात है, जब पीएम मोदी ने अपनी अयोध्या यात्रा के दौरान भगवान राम को समर्पित मंदिर का निर्माण पूरा होने पर ही वापस लौटने की कसम खाई थी. उस दिन, उन्होंने जय श्री राम के नारे लगाए और भगवान राम की पूजा में भाग लिया, जिन्हें तब एक अस्थायी तंबू में रखा गया था. मीडियाकर्मियों ने उस क्षण को पकड़ लिया जब मोदी ने घोषणा की कि वह मंदिर बनने के बाद ही वापस आएंगे. सोशल मीडिया पर इस ऐतिहासिक अवसर की पुनरावृत्ति ने महत्वपूर्ण ध्यान आकर्षित किया है, पोस्ट में बताया गया है कि कैसे भारत के साथ कश्मीर का एकीकरण जनसंघ और भाजपा द्वारा स्वतंत्रता के बाद का प्रयास था, जो पीएम मोदी के नेतृत्व में सफलता में तब्दील हुआ.
5 अगस्त को पीएम मोदी ने रखी थी आधारशिला
अपनी प्रतिज्ञा पूरी करने की दिशा में पहला कदम शिलान्यास था. पीएम मोदी ने 5 अगस्त, 2020 को भगवान राम की जन्मभूमि माने जाने वाले स्थान पर एक भव्य मंदिर की आधारशिला रखी. 9 नवंबर, 2019 को दिए गए सुप्रीम कोर्ट के अंतिम फैसले के बाद पीएम ने आधारशिला रखी थी, जिसमें विवादित भूमि (2.7 एकड़) को सरकार द्वारा गठित ट्रस्ट को सौंपने का आदेश दिया गया था.

पीएम मोदी ने शुरू किये हैं 11 दिन का उपवास
राम लला की प्राण प्रतिष्ठा के लिए वैदिक अनुष्ठान 22 जनवरी को मुख्य समारोह से एक सप्ताह पहले 16 जनवरी को शुरू होंगे. प्राण प्रतिष्ठा करने से पहले, पीएम मोदी ने 11 दिन का उपवास शुरू किया है, जिसमें नैतिक सिद्धांतों पर आधारित उपवास शामिल है. नैतिक आचरण, जिसमें नियमित प्रार्थना और योग शामिल है. ये बहुत बड़ी जिम्मेदारी है.
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Tags: Narendra modi, PM Modi
FIRST PUBLISHED : January 15, 2024, 06:16 IST


