Wednesday, February 11, 2026
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शरीर के इस अंग में होती है सबसे छोटी हड्डी, लंबाई सिर्फ 0.1 इंच, डैमेज होने पर जिंदगीभर रहेंगे परेशान


हाइलाइट्स

हमारे जांघ की हड्डी सबसे लंबी और कान की हड्डी सबसे छोटी होती है.
कान की स्टेपस हड्डी को मानव शरीर की सबसे छोटी हड्डी माना जाता है.

Smallest Bone in Ear: एक वयस्क के शरीर में कुल 206 हड्डियां होती हैं, जिनका साइज अलग-अलग होता है. अब तक आपने सुना होगा कि हमारे जांघ की हड्डी शरीर में सबसे बड़ी होती है और इसे फीमर (femur) कहा जाता है. यह शरीर की सबसे बड़ी और सबसे मजबूत हड्डी माना जाता है. इसकी लंबाई करीब 13 से 18 इंच के आसपास होती है. क्या आप जानते हैं कि शरीर की सबसे छोटी हड्डी किस अंग में होती है? कई लोगों को इस सवाल का जवाब नहीं पता होगा. जानकारों की मानें तो हमारे कान की स्टेपस (Stapes) हड्डी शरीर की सबसे छोटी हड्डी होती है. इसका साइज इतना छोटा होता है कि आप इसे अपने फिंगरटिप पर रख सकते हैं. चलिए स्टेपस हड्डी से जुड़े कुछ तथ्य जान लेते हैं.

नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (NCBI) की रिपोर्ट के अनुसार स्टेपस हड्डी हमारे कान के मध्य में होती है और मानव शरीर की सबसे छोटी हड्डी मानी जाती है. इसके आकार की बात की जाए, तो स्टेपस हड्डी का डायमीटर करीब 1.14 mm यानी 0.05 इंच होता है. इस हड्डी की लंबाई करीब 2 से 3mm के आसपास होती है. अगर इंच में देखा जाए, तो यह हड्डी 0.1 इंच के बराबर होती है. आपको जानकर हैरानी होगी कि यह जितनी छोटी होती है, उतनी ही हमारे कानों के लिए जरूरी होती है. स्टेपस हड्डी की वजह से ही कानों की फंक्शनिंग ठीक रहती है और हमें सही तरीके से सुनाई देता है. अगर कान की यह हड्डी डैमेज हो जाए, तो व्यक्ति बहरा हो सकता है. यही वजह है कि इस हड्डी को हियरिंग के लिए बेहद जरूरी माना जाता है.

हेल्थलाइन की रिपोर्ट के अनुसार हमारे ब्रेन तक पहुंचने से पहले साउंड वेव्स कान के ऑडिटरी केनाल में आती हैं और ईयरड्रम से होते हुए मिडिल ईयर कंपार्टमेंट में चली जाती हैं. इसी एरिया में सबसे छोटी हड्डी स्टेपस होती है. मिडिल कंपार्टमेंट में पहुंचने के बाद साउंड वेव्स यहां की तीनों हड्डियों मेलियस (malleus), इनकस (incus) और स्टेपस (stapes) को बाइब्रेट करती हैं. स्टेपस साउंड वेव्स को प्लैट बेस तक पहुंचाती है. इसके बाद बाइब्रेशन इनर ईयर तक पहुंचता है, जहां यह न्यूरल डाटा में कन्वर्ट होता है. यह डाटा कोक्लेयर (cochlear) और ऑडिटरी नर्व (auditory nerve) के जरिए ब्रेन तक पहुंचता है. इस तरह हमारी आवाज सुनने की प्रोसेस पूरी होती है. अगर कान की एक भी हड्डी डैमेज हो जाए, तो सुनने की क्षमता प्रभावित हो सकती है.

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Tags: Health, Lifestyle, Trending news



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