सर्दियों का मौसम शुरू होते ही खेती-किसानी में भी रौनक बढ़ जाती है. कम तापमान में उगने वाली फसलों की तरफ किसान तेजी से रुख करते हैं, क्योंकि इस सीजन में न सिर्फ पैदावार अच्छी होती है, बल्कि बाजार में सब्जियों के अच्छे दाम भी मिलते हैं. खास बात यह है कि सर्दियों में एक-दो नहीं बल्कि कई ऐसी सब्जियां हैं, जिनकी खेती व्यावसायिक स्तर पर की जा सकती है और किसान अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि
सर्दियों में कौन-कौन सी सब्जियां है सबसे ज्यादा फायदेमंद?
एक्सपर्ट्स के अनुसार सर्दियों में टमाटर, शिमला मिर्च, बैंगन, खीरा, लोकी, मेथी, पालक, मूली, गाजर, मटर, शलजम, गोभी, फूल गोभी, पत्ता गोभी, चुकंदर, सरसों, धनिया, हरी मिर्च, करेला, परवल, टिंडा और भिंडी जैसी सब्जियों की खेती की जा सकती है. इनमें से कुछ फसलें नवंबर में बोई जाती है, जबकि कुछ की बुवाई दिसंबर और जनवरी में भी बेहतर मानी जाती है.
सर्दियों में मटर और फूलगोभी से मिल सकता है अच्छा मुनाफा
हरी मटर सर्दियों की सबसे फेमस फसलों में गिनी जाती है. इसके बुवाई अक्टूबर से दिसंबर के बीच की जाती है और फसल 70 से 90 दिनों में तैयार हो जाती है. वहीं फूलगोभी की मांग भी ठंड के मौसम में काफी बढ़ जाती है. सही देखभाल के साथ एक एकड़ में इसका उत्पादन अच्छा होता है और बाजार में बेहतर दाम मिलते हैं.
कम समय में तैयार होने वाली सब्जियां भी होती है फायदेमंद
पालक और चुकंदर जैसी सब्जियां कम समय में तैयार हो जाती है और उनकी लागत भी ज्यादा नहीं आती. पालक की फसल 30 से 40 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है, जबकि चुकंदर 60 से 70 दिनों में बाजार में बेचने लायक हो जाता है. इन सब्जियों की मांग पूरी सर्दी के मौसम में बनी रहती है. ऐसे में सर्दियों के मौसम में आप पालक और चुकंदर की खेती भी कर सकते है.
आधुनिक खेती से भी बढ़ सकता है मुनाफा
ब्रोकली जैसी हाई वैल्यू सब्जी भी अब किसानों के बीच लोकप्रिय हो रही है. बड़े शहरों और होटल में इसकी मांग बढ़ने से किसानों को अच्छा रिटर्न मिल रहा है. आधुनिक तकनीक और सही समय पर बुवाई से पारंपरिक फसलों की तुलना में इन सब्जियों से ज्यादा मुनाफा कमाया जा सकता है.
सर्दियों में खेती से पहले इन बातों का रखें ध्यान
एक्सपर्ट्स का कहना है कि सर्दियों की सब्जियों की अच्छी उपज के लिए मिट्टी की सही तैयारी बहुत जरूरी होती है. खेत में मिट्टी, गोबर या कंपोस्ट और रेत या कोकोपीट का संतुलित मिश्रण फसल के लिए बेहतर माना जाता है. इसके अलावा सही समय पर सिंचाई, जैविक खाद का इस्तेमाल और कीट नियंत्रण से फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों बढ़ाए जा सकते हैं.
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