Friday, February 27, 2026
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सेहत के लिए रामबाण है संजीवनी वटी, बुखार, दस्त का करे चुटकी में इलाज, जानें, इस आयुर्वेदिक गोली के 5 अद्भुत फायदे


हाइलाइट्स

संजीवनी वटी में कफ को संतुलित करने का गुण होता है.
संजीवनी वटी इम्यूनिटी को बूस्ट करती है.

Benefits of Sanjeevani Vati: आयुर्वेद में कई ऐसी दवाएं हैं, जिनका इस्तेमाल कर गंभीर रोगों का इलाज किया जाता है. ऐसी ही एक औषधि है संजीवनी वटी (Sanjeevani Vati). वटी या गुटिका का मतलब होता है गोली, दवाई. संजीवनी वटी का कई समस्याओं में आयुर्वेदाचार्य इस्तेमाल करते हैं. यह एक आयुर्वेदिक गोली है, जो बुखार, पेशाब संबंधित समस्या, अपच, पेट की समस्या आदि को दूर करती है. चलिए जानते हैं मनोचिकित्सक एवं आयुर्वेद विशेषज्ञ, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (आयुर्वेद) दिल्ली नगर निगम के डॉ. आर. पी. पाराशर से संजीवनी वटी के फायदे और इसके सेवन का सही तरीका के बारे में.

संजीवनी वटी के फायदे (Sanjivani Vati in Benefits 

1. डॉ. आर. पी. पाराशर कहते हैं कि यह एक बेहद ही फायदेमंद आयुर्वेदिक दवा है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से बुखार, सर्दी-जुकाम, खांसी, पेट की समस्या आदि के इलाज में किया जाता है. संजीवनी वटी दस जड़ी बूटियां से बनी होती है. इसमें विडंग, सौंठ, पिप्पली, हरड़, बहेड़ा, आंवला, वचा, गुडुची, शुद्ध भल्लातक और शुद्ध वत्सनाभ. इन दवाओं को गोमूत्र के साथ समान मात्रा में मिलाया जाता है. यदि किसी को सर्दी, बुखार है तो इसका सेवन विशेषज्ञ की सलाह पर कर सकते हैं. लाभ होगा. सर्दी और बुखार के अलावा, संजीवनी वटी गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट, श्वसन पथ और सूजन संबंधी संयुक्त विकारों के इलाज में भी मदद करती है.

2. यदि आप बार-बार बीमार पड़ते हैं, तो इसकी वजह कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता हो सकती है. ऐसे में इसके सेवन से आप अपनी प्रतिरक्षा प्रणाली (Immunity) को मजबूत बना सकते हैं.

3. आयुर्वेद के अनुसार, संजीवनी वटी में ज्वरनाशक गुण होता है, जो बुखार को नियंत्रित करने में मदद करता है. इसमें भूख बढ़ाने वाले और पाचन को दुरुस्त रखने वाले गुण भी मौजूद होते हैं. इससे पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है, पाचन में सुधार होता है. अपच की समस्या नहीं होती है. दस्त या डायरिया होने पर इसके उपयोग से लक्षण कम होते हैं.

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4. यह दवा रुमेटाइड अर्थराइटिस, जोड़ों के दर्द और सूजन के लक्षणों से भी राहत दिलाने में काफी उपयोगी साबित हो सकती है. संजीवनी वटी में कफ को संतुलित करने का गुण भी होता है, जो खांसी को नियंत्रित करने, बलगम को बाहर निकालने, वायुमार्ग को साफ करने में मदद करता है, जिससे रोगी बिना किसी परेशानी के आराम से सांस ले पाता है.

5. यदि आपको बुखार होता है तो आप इसे कम करने के लिए दिन में एक या दो बार भोजन करने के बाद गुनगुने पानी या ताजा अदरक के रस के साथ ले सकते हैं. बुखार जल्द ही कम हो जाएगा और आपको आराम महसूस होगा.

Tags: Fever, Health, Lifestyle, Sanjeevani



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