हाइलाइट्स
बिलकीस बानो गैंगरेप केस के सभी 11 दोषियों ने रविवार रात को सरेंडर कर दिया.
दोषियों ने सुप्रीम कोर्ट से सरेंडर के लिए वक्त मांगा था. हालांकि कोर्ट ने मांग को खारिज कर दिया था.
नई दिल्लीः बिलकिस बानो गैंगरेप मामले में रविवार की देर रात को 11 दोषियों ने गोधरा जेल अधिकारियों के सामने सरेंडर कर दिया. बीते 8 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने 2002 के गुजरात दंगों के दौरान बिलकिस से गैंगरेप के दोषियों को समय से पहले रिहा करने के गुजरात सरकार के फैसले को रद्द कर दिया था. साथ ही सभी दोषियों को 21 जनवरी तक सरेंडर करने को कहा था. सरेंडर करने वाले सभी 11 दोषी दो गाड़ियों में सवार होकर दाहोद जिले के सिंगवाड से गोधरा उप-जेल पहुंचे.
दोषियों में राधेश्याम शाह, जसवंत नई, गोविंद नई, केसर वोहनिया, बाका वोहनिया, राजू सोनी, रमेश चंदना, शैलेश भट्ट, बिपिन जोशी, प्रदीप मोधिया और मितेश भट्ट शामिल हैं. पुलिस के मुताबिक सभी आरोपियों को ट्रैक किया था. सरेंडर के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया है. स्थानीय अपराध शाखा निरीक्षक एनएल देसाई ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, “सभी 11 दोषियों ने रविवार देर रात जेल अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है.”
सुप्रीम कोर्ट ने 8 जनवरी को 2022 में स्वतंत्रता दिवस पर समय से पहले रिहा किए गए दोषियों को 21 जनवरी तक जेल अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण करने को कहा था. शुक्रवार को अदालत ने उन्हें और समय देने से इनकार कर दिया था. दोषियों ने स्वास्थ्य समस्याओं, आसन्न सर्जरी, परिवार में शादी और फसल के काम जैसे कारणों का हवाला दिया था और आत्मसमर्पण करने के लिए और समय मांगा था. शीर्ष अदालत ने कहा कि सरेंडर को स्थगित करने और जेल वापस रिपोर्ट करने की मांग करने वाले आवेदकों के प्रतिउत्तर में कोई योग्यता नहीं है.

बिलकिस बानो 21 साल की थीं और पांच महीने की गर्भवती थीं, जब फरवरी 2002 में गोधरा ट्रेन जलाने की घटना के बाद भड़के सांप्रदायिक दंगों की दहशत से बचने की कोशिश करते समय उनके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया था.
.
Tags: Godhra, Supreme Court
FIRST PUBLISHED : January 22, 2024, 02:38 IST


