Friday, February 27, 2026
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Bihar 10 year old student wants to appear for CBSE 10th board exam reaches High Court – बिहार : सिर्फ 10 साल का ये छात्र देना चाहता है CBSE 10वीं बोर्ड परीक्षा, पहुंचा हाईकोर्ट, Education News


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बिहार में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। राजधानी के एक निजी स्कूल के महज दस वर्ष दस माह के छात्र ने सीबीएसई दसवीं की बोर्ड परीक्षा देने के लिए रजिस्ट्रेशन करने की गुहार लगाई है। लेकिन सीबीएसई ने 15 वर्ष का हवाला दे रजिस्ट्रेशन करने से इंकार कर दिया। इसके बाद समीर राज की ओर से पिता अरुण सिन्हा ने हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर कर रजिस्ट्रेशन करने की गुहार लगाई है। न्यायमूर्ति अनिल सिन्हा की एकलपीठ ने इस मामले में सुनवाई की। 

आवेदक की ओर से अधिवक्ता अनुराग सौरव ने कोर्ट को बताया कि महज साढ़े पांच वर्ष के उम्र में वर्ग चार में नामांकन के लिए समीर राज ने जांच परीक्षा दी। परीक्षा में उतीर्ण होने के बाद उसका दाखिला हुआ और वर्ग चार, पांच व छह के वार्षिक परीक्षा में उसे ग्रेड ए1 और ग्रेड2 आया। वर्ग सात में 91 प्रतिशत और आठवीं में 95.83 प्रतिशत अंक आए। साढ़े नव वर्ष की आयु में उसे वर्ग नव में प्रोन्नति दी गई। उनका कहना था कि अगले वर्ष बोर्ड परीक्षा देनी है, लेकिन सीबीएसई के परीक्षा कानून 6.1(ए)के तहत नामांकन के लिए न्यूनतम और अधिकतम उम्र तय नहीं है। सीबीएसई की ओर से विनय कृष्ण त्रिपाठी ने कोर्ट को बताया कि आवेदक के पुत्र ने सीधे वर्ग चार में नामांकन लिया। जबकि वर्ग एक में नामांकन के लिए कम से कम पांच वर्ष का होना अनिवार्य है। 

वर्ग आठ में नामांकन के लिए आठ वर्ष होनी चाहिए। उन्होंने वर्ग चार में लिये गये नामांकन पर ही सवाल खड़ा करते हुए कहा कि यह गलत है। कोर्ट ने सीबीएसई की ओर से उठाये गये सवालों को एक सिरे से खारिज करते हुए कहा कि बच्चे का रिजल्ट देख ऐसा लगता है कि वह बोर्ड की परीक्षा पास करने की क्षमता रखता है। 

कोर्ट ने आवेदक को सीबीएसई के अध्यक्ष के समक्ष सभी वर्ग की परीक्षाओं के रिजल्ट के साथ अभ्यावेदन देने का आदेश दिया। अध्यक्ष को उक्त आवेदन पर विचार कर निर्णय लेने का आदेश दिया। कोर्ट ने अध्यक्ष को कहा है कि यदि वह पाते हैं कि छात्र प्रतिभावान है तो उसे अगले वर्ष होने वाले बोर्ड परीक्षा में शामिल करने का आदेश दें। अध्यक्ष को दो महीने के भीतर यह निर्णय लेना होगा।



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