Friday, February 27, 2026
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नीतीश कुमार की ‘घर वापसी’ से BJP को क्या फायदा? एक तीर से साध रही कितने निशाने


नई दिल्ली. अब यह साफ हो गया कि बिहार में महागठबंधन (Mahagathbandhan) खत्म हो चुका है. जदयू नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) फिलहाल भाजपा (BJP) के नेतृत्व वाले एनडीए (NDA) में वापसी के लिए एकजुट होते नजर आ रहे हैं. भले ही नीतीश कुमार के पास कई विकल्पों की कमी है, मगर बीजेपी के साथ हाथ मिलाकर वह मुख्यमंत्री पद पर बने रहने वाले हैं. इन सबके बावजूद भाजपा ही इस पूरे खेल में असली विजेता बनकर उभरेगी. दरअसल नीतीश कुमार को अपने पाले में करने से बीजेपी एक ही तीर से कई निशाने साधने में सफलता हासिल कर सकती है.

बिहार का यह पूरा सियासी ड्राम भाजपा की सत्ता में वापसी कर देगा. 2024 के आम चुनावों में इससे बिहार में बीजेपी की सीटें काफी बढ़ने की संभावनाएं तो हैं ही, सबसे बड़ी बात ये है कि राष्ट्रीय स्तर पर इससे विपक्षी इंडिया गठबंधन को एक बड़ा झटका लगने वाला है. इसके अलावा भी भाजपा को नीतीश कुमार की एनडीए में घर वापसी से और भी बहुत कुछ हासिल हो सकता है. महज डेढ़ साल पहले ही नीतीश कुमार ने राजद-कांग्रेस से गठबंधन करने के लिए भाजपा का साथ छोड़ दिया था.

बीजेपी की मुंहमांगी मुराद पूरी
सूत्रों के मुताबिक नई भाजपा-जद(यू) सरकार का शपथ ग्रहण 28 जनवरी को हो सकता है. जिसमें नीतीश कुमार के सीएम और भाजपा के सुशील मोदी के नए डिप्टी सीएम बनने की उम्मीद है. नीतीश कुमार की सबसे बड़ी कमजोरी ये है कि वह 243 सदस्यों की विधानसभा में केवल 45 विधायकों के साथ मुख्यमंत्री हैं. इस तरह देखा जाए तो नीतीश कुमार का बीजेपी के पाले में आना एक मुंहमांगी मुराद पूरी होने जैसा है. इससे 2024 के महत्वपूर्ण लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा एक और राज्य में सत्ता में आ जाएगी. यह न केवल इमेज बढ़ाने वाला है, बल्कि सीटें जीतने की संभावना भी बढ़ती हैं.

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नीतीश कुमार की 'घर वापसी' से BJP को क्या फायदा? एक तीर से साध रही कितने निशाने

बिहार में लोकसभा की 40 सीटें
नीतीश कुमार बीजेपी के लिए आजमाए और परखे हुए साथी हैं. बीजेपी ने नीतीश कुमार के साथ लड़कर 39 लोकसभा सीटें जीतीं हैं. बीजेपी और जेडी (यू) ने तीन लोकसभा चुनावों में मिलकर अच्छा प्रदर्शन किया है. इसके साथ ही नीतीश कुमार के साथ बीजेपी के वोटर भी सहजता से जुड़ते हैं. नीतीश कुमार को वापस लेने से भाजपा को लोकसभा चुनाव में तत्काल लाभ होगा. नीतीश कुमार को अपने पाले में लाकर बीजेपी ने कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष के ‘इंडिया’ गुट की बची-खुची ताकत को भी ध्वस्त कर दिया. बंगाल और पंजाब में ‘इंडिया’ गठबंधन की बातचीत पहले ही टूट चुकी है.

Tags: Bihar politics, BJP, CM Nitish Kumar, Jdu



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