Wednesday, February 11, 2026
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क‍िस केस में ED की जांच पहुंच गई गई पाक‍िस्‍तान, कहां से शुरू हुआ मामला, कैसे पहुंचा पड़ोसी मुल्‍क, जानें ड‍िटेल


श्रीनगर: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को अभी तक आपने द‍िल्‍ली, मुंबई, ब‍िहार समेत देशभर के अलग-अलग राज्‍यों में छापेमारी करते या फ‍िर क‍िसी की घोटाले या मनी लॉन्‍ड्र‍िंग के मामले की जांच में क‍िसी को ग‍िरफ्तार करते देखा और सुना होगा. पर अब ईडी की जांच पड़ोसी देश पाक‍िस्‍तान तक पहुंच गई है. पुल‍िस ने मनी लॉन्‍ड्रिंग के मामले में कुपवाड़ा ज‍िले से एक व्‍यक्‍ति को ग‍िरफ्तार भी क‍िया है. जांच एजेंसी के द्वारा आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद उसे श्रीनगर स्थित ईडी की स्थानीय विशेष कोर्ट में पेश किया गया और 13 फरवरी तक उसकी रिमांड ली गई है. फिलहाल उस आरोपी से विस्तार से पूछताछ की जा रही है.

ईडी ने 6 फरवरी को कुपवाड़ा जम्मू-कश्मीर के निवासी मोहम्मद अब्दुल्ला शाह को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पीएमएलए 2002 के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया है, जिसमें आतंकी वित्तपोषण में शामिल आरोपी पाकिस्तानी हैंडलर मंजूर अहमद के साथ मिले हुए थे. ईडी की एक्‍स में एक पोस्‍ट के अनुसार, मोहम्‍मद अब्‍दुल्‍ला शाह ज‍िसके पास जम्मू-कश्मीर के छात्रों के लिए पाकिस्तान के कॉलेजों में एमबीबीएस और अन्य पाठ्यक्रमों में प्रवेश की व्यवस्था की. जांच एजेंसी ने कहा कि शाह को विशेष न्यायाधीश एसीबी (सीबीआई-मामले) श्रीनगर, कश्मीर की अदालत के समक्ष पेश किया गया, जिसने उसे 13 फरवरी तक आरोपी की हिरासत दे दी है.

पाकिस्तानी मेडिकल कॉलेज में एडमिशन के नाम पर होता था आतंकियों का खेला
जांच एजेंसी ईडी के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद अब्‍दुल्ला शाह का पाकिस्तानी आतंकी मंजूर अहमद शाह के साथ एक बेहद मजबूत कनेक्शन जांच के दौरान सामने आया है. दरअसल जांच के दौरान ये पता चला की जम्मू-कश्मीर में रहने वाले कई युवाओं को पाकिस्तानी हैंडलर मंजूर अहमद शाह बरगला कर पाकिस्तान स्थित मेडिकल कॉलेज में उसका दाखिला करवाने का लालच देता था. इस मामले की जानकारी जम्मू पुलिस को पिछले कुछ समय पहले हुई थी. उसके बाद इस मामले में जम्मू की स्थानीय पुलिस के द्वारा एक एफआईआर दर्ज की थी. दर्ज एफआईआर में यूएपीए एक्ट के धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए जम्मू पुलिस के द्वारा कई आरोपियों से पूछताछ भी की गई थी.

इसी मामले की तफ्तीश के दौरान अल -जबर नाम के ट्रस्ट का भी खुलासा हुआ है, जिसके बैंक एकाउंट के मार्फत लाखों-करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन का खेल चलता था . हालांकि अल-जबर ट्रस्ट की अगर बात करें तो ये ट्रस्ट तो चैरिटेबेल संस्था है, लेक‍िन छात्रों के नाम पर काफी पैसों का संदिग्ध लेनदेन की जाती है. बाद में उन्‍हीं पैसों से भारत में आतंकी गतिविधियों को आगे बढ़ाने में प्रयोग किया जाता रहा है.

इस मामले में कई अन्य आरोपियों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया था, जिनके नाम प्रमुख तौर पर इस प्रकार से है —
1. मोहम्मद अकबर भट्ट
2. सुश्री फातिमा शाह,
3. अल्ताफ अहमद भट्ट
4.काजी यासिर
5. सैयद खालिद गिलानी उर्फ खालिद अंद्राबी

जांच एजेंसी ईडी के द्वारा इस मामले में पहले भी मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए करीब पांच करोड़ की प्रॉपर्टी को कुर्क किया जा चुका है. इसके साथ ही कई बैंक अकाउंट, चल-अचल संपत्तियों को भी विस्तार से अब खंगाला जा रहा है. जांच एजेंसी इस मामले में जल्द ही कई अन्य खुलासे भी कर सकती है.

Tags: Enforcement directorate, Jammu and kashmir



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