नई दिल्ली. कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम (Karti Chidambaram) ने उत्तराखंड (Uttrakhand) में समान नागरिक संहिता विधेयक (Uniform Civil Code) पारित होने पर बीजेपी पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि वे लोगों की निजी जीवन में घुस रहे हैं और पहाड़ी राज्य को हिंदुत्व के लिए ईरान के समान टेस्ट लैब बना दिया है. उत्तराखंड विधानसभा ने बुधवार को यूसीसी बिल को पारित कर दिया, जो अन्य भाजपा शासित राज्यों के लिए इसी तरह का कानून बनाने के लिए उदाहरण के रूप में काम कर सकता है. प्रस्तावित यूसीसी कानून में बिल लिव-इन रिलेशनशिप के रजिस्ट्रेशन को भी अनिवार्य बना गया है.
नए यूसीसी कानून के मुताबिक लिव-इन रिलेशनशिप से पैदा हुए बच्चे वैध माने जाएंगे और बाद में ब्रेक अप होने पर महिलाएं अपने पार्टनर से गुजारा भत्ता पाने की हकदार होंगी. यह विधेयक मुसलमानों के एक वर्ग में प्रचलित बहुविवाह और ‘हलाला’ पर प्रभावी रूप से प्रतिबंध लगाता है. हालांकि विवाह अलग-अलग समुदायों द्वारा अपनाए जाने वाले सप्तपदी, निकाह और आनंद कारज जैसे अलग-अलग अनुष्ठानों के जरिये संपन्न किए जा सकते हैं. इस मामले पर एक्स पर एक पोस्ट में कार्ति चिदंबरम ने कहा कि ‘उत्तराखंड हिंदुत्व के लिए ईरान की तरह एक परीक्षण प्रयोगशाला है.’
यूसीसी अच्छा विचार
संसद के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि एक अवधारणा के रूप में यूसीसी अच्छी है. मगर इसे लाने के लिए व्यापक विचार-विमर्श करना होगा. यह सभी धर्मों और प्रथाओं में मौजूद विसंगतियों को दूर करने के लिए होना चाहिए. कार्ति चिदंबरम ने कहा कि उदाहरण के लिए हमारे पास हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) नामक व्यवस्था है. वास्तव में मैं एचयूएफ का लाभार्थी हूं. क्या यह यूसीसी में रहेगा या यूसीसी में हटा दिया जाएगा? देश के कुछ हिस्सों में चचेरे रिश्तेदारों में शादियां होती हैं. वास्तव में देश के कुछ हिस्सों में मामा भांजियों से शादी करते हैं. उत्तराखंड में ये चीजें प्रतिबंधित हैं. क्या हम एक समान संहिता ला रहे हैं, जो सभी धर्मों से कुछ प्रथाओं को हटा देगी?
लोगों की निजी जिंदगी में घुसने की कोशिश
कार्ति ने कहा कि वे इसका इस्तेमाल लोगों की निजी जिंदगी में घुसने के लिए कर रहे हैं. उदाहरण के लिए वे कह रहे हैं कि लिव-इन रिलेशनशिप को रजिस्टर्ड किया जाना चाहिए. इसलिए यदि दो लोग लिव-इन में रहने का फैसला करते हैं, तो उन्हें जाकर रजिस्ट्रेशन कराना होगा. तमिलनाडु के शिवगंगा से सांसद ने कहा कि मान लीजिए कि छह महीने के बाद उनका झगड़ा हो जाता है और उनका रिलेशनशिप टूट जाता है. उन्हें फिर से जाकर कहना होगा कि ‘हमारे बीच झगड़ा हुआ था और हमने ब्रेकअप कर लिया है.’
Uniform Civil Code Bill: UCC बिल पास होते ही सीएम पुष्कर धामी बोले- यह कानून किसी के…

उत्तराखंड बना ईरान की तरह हिंदुत्व की टेस्ट लैब
कार्ति चिदंबरम ने कहा कि यह बेतुका है और ईरान जैसे धार्मिक राज्य ठीक इसी तरह व्यवहार करते हैं. वे ड्राई डे पर कहेंगे कि अगर आपके घर में शराब है, तो एक पुलिसकर्मी आ सकता है और मुकदमा चला सकता है. फिर वे एक कदम आगे बढ़ेंगे और कहेंगे कि आज कोई मांसाहार नहीं होगा. इसलिए अगर आप अपने घर में चिकन करी खाते हैं, तो यह फिर से एक उल्लंघन है. वे निजी व्यवहार के दायरे में प्रवेश कर रहे हैं और यह बहुत खतरनाक है. उन्होंने कहा कि ईरान जैसा धार्मिक देश इसी तरह व्यवहार करते हैं. इसलिए अगर हम भी ऐसा व्यवहार करेंगे तो यह हिंदुत्व ईरान जैसा हो जाएगा. मैंने यही कहा है और यह भी कहा है कि उत्तराखंड इसके लिए एक परीक्षण प्रयोगशाला है.
.
Tags: Karti Chidambaram, Uniform Civil Code, Uttrakhand, Uttrakhand ki news
FIRST PUBLISHED : February 8, 2024, 18:37 IST


