Tuesday, February 10, 2026
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3000 ईसा पूर्व हुई थी इस फसल की खोज! तेल और मसालों में होता है प्रयोग, और फायदे जान हो जाएंगे हैरान


तनुज पाण्डे/नैनीताल : पोषक तत्वों से भरपूर सरसों का इस्तेमाल मसालों और तेल के रूप में किया जाता है. कई तरह के व्यंजनों को स्वादिष्ट बनाने के लिए सरसों का तड़का लगाया जाता है. सरसों में आयरन, कैल्शियम, सेलेनियम, फॉस्फोरस और कई पोषक तत्व पाए जाते हैं. जो हड्डियों को स्वस्थ रखने के साथ पाचन के लिए भी फायदेमंद होते है. इसके बीज से तेल निकाला जाता है जिसका प्रयोग भोजन पकाने में किया जाता है. इस तेल में कई पोषक तत्व विद्यमान है. जो शरीर की आवश्यक जरूरतों को पूरा करते हैं. साथ ही सरसों का साग भी बेहद प्रसिद्ध है.

भारत में मुख्यतः पंजाब की संस्कृति में सरसों का साग और मक्के की रोटी समाई हुई है. जो पंजाब का मुख्य भोजन है. भारत में क्षेत्रफल के अनुसार सरसों की खेती मुख्य रूप से राजस्थान, मध्य प्रदेश, यूपी, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, गुजरात, आसाम, झारखंड़, बिहार एवं पंजाब में की जाती है.

3000 ईसा पूर्व हुई थी सरसों की खोज
नैनीताल स्थित डीएसबी कॉलेज के वनस्पति विज्ञान विभाग के प्रोफेसर डॉ. ललित तिवारी ने बताया कि सरसों के पौधे का वैज्ञानिक नाम ब्रेसिका कम्प्रेसटिस है, सरसों पिछले 6000 सालों से प्रयोग में लाई जा रही है. सरसों के बीज का उपयोग प्राचीन काल से ही मसाले के रूप में किया जाता रहा है, जिसका उल्लेख भारतीय और सुमेरियन लेखों में 3000 ईसा पूर्व तक मिलता है. तूतनखामुन के मकबरे में सरसों के बीजों की खोज से पुरातात्विक प्रमाण मिलता है कि प्राचीन मिस्रवासी भी अपने भोजन को स्वादिष्ट बनाने के लिए सरसों का उपयोग करते थे. सरसों का उत्पादन तराई और भाभर के इलाकों में अत्यधिक मात्रा में किया जाता है इसके साथ हीं उत्तराखंड के कुछ पहाड़ी इलाकों में भी सरसों का पौधा उगाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि हिंदुस्तान में पूरी दुनिया का 57% सरसों उगाया जाता है.

दैनिक जीवन में है बेहद उपयोगी
डॉ. तिवारी बताते हैं कि सरसों के पौधे का हमारे दैनिक जीवन में बेहद महत्व है. सरसों के बीज से निकला तेल भोजन पकाने में काम आता है. साथ ही सरसों की पत्तियों का साग पंजाब में मक्के की रोटी के साथ मुख्यतः खाया जाता है. उन्होंने बताया की सरसों का उपयोग बायो डीजल के रूप में भी किया जा रहा है. 100 ग्राम सरसों के तेल से 884 कैलोरी ऊर्जा शरीर को प्राप्त होती है. सरसों का पौधा कीटाणु नाशक होने के साथ ही इसमें कई तरह के पोषक तत्व विद्यमान है. डॉ. तिवारी बताते हैं कि सरसों में सैचुरेटेड फैट, ऑयल, ओमेगा फैट मौजूद है. उन्होंने बताया की सरसों हमारे शरीर के लिए लाभदायक तो है ही साथ ही हमारे दैनिक जीवन से भी जुड़ा हुआ है.

Tags: Health News, Life18, Local18, Nainital news, Uttarakhand news

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.



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