चंडीगढ़: विभिन्न मांगों को लेकर दिल्ली चलो आंदोलन कर रहे किसान संगठनों और केंद्रीय मंत्रियों के बीच हुई वार्ता खत्म हो गई है. सोमवार देर रात चली इस बैठक में कुछ मुद्दों पर सहमति बनने की बात कही गई है. सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में कुछ मुद्दों पर सहमति बनी है और कुछ अन्य मुद्दों पर बातचीत अधूरी रह गई है.
बैठक के बाद किसान नेताओं ने कहा कि वे दिल्ली जाएंगे. सरकार उनकी किसी भी मांग पर गंभीर नहीं हैं. हम मिलकर मसले का हल चाहते थे लेकिन सरकार के मन में खोट है. सरकार देना कुछ नहीं चाहती है. एमएसपी पर हम ऐलान चाहते थे लेकिन सरकार ने कुछ नहीं किया.
एमएसपी के मुद्दे पर कोई सहमति नहीं
सूत्रों ने बताया कि एमएसपी के मुद्दे पर कोई सहमति नहीं बन पाई. ऐसे में किसान दिल्ली कूच करेंगे या नहीं, इसको लेकर वे बयान जारी करेंगे. सूत्रों ने यह भी बताया कि सरकार और किसान संगठनों के बीच बातचीत में बिजली अधिनियम 2020 रद्द करने, लखीमपुर खीरी में मारे गए किसानों को मुआवजा देने और किसान आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज मुकदमें वापस लेने पर सहमति बनी है.
एमएसपी गारंटी कानून, किसान कर्ज माफी और स्वामीनाथन आयोग सिफारिशों को लागू करने पर पेंच अभी भी फंसा हुआ है. किसान नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों के बीच करीब पांच घंटे तक बैठक चली. इसमें केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, नित्यानंद राय और अर्जुन मुंडा शामिल हुए.
किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि हम बात करना चाहते हैं लेकिन हमारी मजबूरी है. हमारा आंदोलन जारी रहेगा. जब तक हमारी मांग नहीं मानी जाती तब तक आंदोलन जारी रहेगा. हम मंगलवार को दिल्ली जा रहे हैं.
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Tags: Farmers Agitation
FIRST PUBLISHED : February 12, 2024, 23:54 IST


