अंजलि सिंह राजपूत/लखनऊः शादी के बाद हर पति-पत्नी चाहते हैं कि उनके घर में बच्चे की किलकारियां गुंजे. लेकिन कई बार पति-पत्नी शारीरिक रूप से स्वस्थ होने के बावजूद भी बच्चों को जन्म नहीं दे पाते है. जिससे उन्हें समाज में भी लोगों के ताने सहने पड़ते हैं. इन सबसे परेशान होकर वे आईवीएफ (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) की तरफ चले जाते हैं, जिसमें उन्हें काफी खर्चा करना पड़ता है. कई बार बच्चा ना होना पति-पत्नी के बीच तलाक का भी कारण बन जाता है .
गौरतलब है कि एक सर्वे के अनुसार भारत में मां बनने की चाहत रखने वाली महिलाओं को जानकारी नहीं है कि कंसीव करने का सही समय कह होता है. दरअसल भारत और दक्षिण एशिया के देशों में कई महिलाएं अपने पीरियड्स के मासिक चक्र पर ध्यान नहीं देतीं और उन्हें ओव्यूलेशन पीरियड यानी महिला के यूट्रस में एग बनने के समय की भी जानकारी नहीं होती.
ये है सबसे बड़ी समस्या…
आखिर क्या वजह है कि पति-पत्नी के शारीरिक रूप से स्वस्थ होने के बावजूद भी बच्चे को जन्म नहीं दे पाते हैं. इस पर जब अपोलो मेडिक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. फरेहा खातून (एमबीबीएस, एमएस)से बात की गई . डॉ. फरेहा खातून एक प्रोफेसर के तौर पर13 सालों से इस क्षेत्र में काम कर रही है. डॉ. फरेहा खातून ने बताया कि जब भी कोई पति-पत्नी उनके पास आते हैं और वह शारीरिक रूप से स्वस्थ होते हैं और फिर भी बच्चे को जन्म नहीं दे पाते हैं तो सबसे पहले हम उनसे पूछते हैं कि क्या उन्होंने ओव्यूलेशन के वक्त संबंध बनाए थे. तो ज्यादातर को पता ही नहीं होता है कि ओव्यूलेशन है क्या. तो आइए इस रिपोर्ट में आपको इसके बारे में विस्तार से बताते हैं.
क्या है ओव्यूलेशन?
डॉ. फरेहा खातून ने बताया कि महिलाओं में पीरियड का साइकिल 28 से 30 दिन का होता है. इसी बीच का समय ओव्यूलेशन कहलाता है. यह समय गर्भधारण का एकदम सही समय माना जाता है. यह होता है पीरियड्स के 14 दिन, यह पूरे एक दिन का होता है. यह दिन सबसे ज्यादा फर्टाइल होता है. महिला के अंडाशय से अंडा रिलीज होने की प्रक्रिया को मेडिकल की भाषा में ओव्यूलेशन कहा जाता है. अंडा बनने के पांच दिन पहले और उसके एक दिन बाद तक के समय को फर्टाइल पीरियड या ओव्यूलेशन पीरियड कहते हैं. इस दौरान अगर पति पत्नी अगर संबंध बनाते हैं तो गर्भधारण के चांस 100 फ़ीसदी बढ़ जाते हैं. अगर इसके बाद भी गर्भधारण न हो तभी डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए.
नोट करें पीरियड्स की डेट
डॉ. फरेहा खातून ने बताया कि इसके लिए जरूरी है कि महिलाएं अपने पीरियड्स के शुरू होने की डेट को हमेशा नोट करते चलें. पीरियड्स की डेट का जो 14 दिन होता है वह गर्भधारण के लिए सबसे जरूरी होता है .यकीनन जो पति-पत्नी इस समय संबंध बनाते हैं या जिन्हें जानकारी है उन्हें कभी भी गर्भधारण करने में दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ता है.
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FIRST PUBLISHED : February 16, 2024, 12:24 IST
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.


