वैसे तो बेटी को घर की लक्ष्मी कहा जाता है, लेकिन लक्ष्मी कहने भर से संकट टाले नहीं जा सकते. बेटी को लक्ष्मी बनाने के लिए इस दिशा में काम भी करने होते हैं. एक लड़की को जन्म से लेकर ताउम्र तक हर मोड़ पर तमाम मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. अगर आप चाहते हैं कि आपकी बेटी इन मुश्किलों को डटकर मुकाबला करते हुए जीवनपथ पर आगे बढ़े, तो इसके लिए आपको उसे मजबूत करना होगा. बिटिया को शिक्षा के स्तर पर, आर्थिक स्तर पर मजबूती देकर यह किया जा सकता है.
यहां हम एक ऐसी स्कीम की बातें कर रहे हैं जिसमें पैसा निवेश करके आप अपनी बेटी के भविष्य को आर्थिक स्तर पर मजबूत कर सकते हैं. हम बात कर रहे हैं सुकन्या समृद्धि योजना की. लड़कियों के जीवन के महत्वपूर्ण क्षण जैसे शिक्षा और विवाह में आर्थिक मदद के लिए सरकार ने 2024 में सुकन्या समृद्धि योजना शुरू की थी. इसको ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं’ योजना के तहत शुरू किया गया है. सुकन्या समृद्धि खाते पर टैक्स छूट के लाभ के साथ 8.2 प्रतिशत सालान ब्याज मिलता है.
कैसे खोलें खाता
आप अपनी बेटी के लिए सुकन्या समृद्धि खाता खोल सकते हैं. 10 वर्ष से कम उम्र की बेटी के लिए यह खाता खोला जा सकता है. यह अकाउंट किसी भी अधिकृत बैंक और पोस्ट ऑफिस में खोला जा सकता है. यह खाता बिटिया की 21 वर्ष तक या 18 वर्ष की आयु के बाद उसकी शादी होने तक चलाया जा सकता है.
सुकन्या समृद्धि खाते की विशेषताएं
– जिस बिटिया ने खाता खोलने की तिथि तक दस वर्ष की उम्र पूरी नहीं की है, उसके लिए यह खाता खोला जा सकता है.
– इस खाते पर 8.20 फीसदी की दर से सालाना ब्याज मिलता है.
– खाता खोलने के लिए बालिका का जन्म प्रमाणपत्र और अभिभावक के पैन तथा आधार नंबर से खोला जा सकता है.
– एक बालिका के लिए एक खाता और एक परिवार में 2 बालिकाओं के खाते खोले जा सकते हैं.
– इस खाते में एक साल में न्यूनतम 250 रुपये और अधिकतम 1,50,000 रुपये जमा किए जा सकते हैं.
– वार्षिक आधार पर मूलधनऔर ब्याज को जोड़ा जाता है. वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन खाते में जमा किया जाता है.
– इस खाते पर आयकर अधिनियम की धारा 80-सी के तहत टैक्स छूट का फायदा मिलता है.
– 15 वर्ष की अवधि पूरी होने तक इस खाते में राशि जमा किया जा सकता है.
– खाता खोलने की तारीख से 21 वर्ष के बाद यह खाता मैच्योर होता है.
– बालिका की उम्र 18 वर्ष होने या 10वीं उत्तीर्ण करने, जो भी पहले हो, के बाद हायर एजुकेशन के लिए खाते में मौजूद राशि का अधिकतम 50 फीसदी निकाल सकते हैं.
– अगर आप किसी वजह से साल में पैसा जमा नहीं कर पाते हैं तो 50 रुपये अतिरिक्त भुगतान के साथ खाते को नियमित किया जा सकता है.
– अगर आपने चार साल तक पैसा जमा नहीं किया है तो 50 रुपये के हिसाब से चार साल के 200 रुपये के अतिरिक्त भुगतान और न्यूनतम जमा के साथ खाता फिर से शुरू करवाया जा सकता है.
– प्रत्येक वित्तीय वर्ष के अंत में खाते में ब्याज जमा किया जाएगा।
– अति अनुकंपा के आधार पर खाते को समय से पहले बंद करने की अनुमति दी जा सकती है.
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Tags: Bank account, Investment scheme, Investment tips, SBI Bank, Sukanya samriddhi scheme
FIRST PUBLISHED : February 22, 2024, 11:27 IST


