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UGC’s New 4-Year UG Honours With Research Course: भारत भर के कॉलेजों में नया शैक्षणिक सत्र अगस्त में शुरू होने वाला है। फिलहाल छात्र अपनी प्रवेश प्रक्रिया में व्यस्त हैं। इस साल, यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) ने विश्वविद्यालयों को चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम के अनुसार चार साल के यूजी प्रोग्राम पेश करने के लिए भी कहा है। आयोग ने रिसर्च कोर्सेज के साथ यूजी ऑनर्स भी शुरू किया है।
यूजीसी का नया 4-वर्षीय अंडरग्रेजुएट कोर्सेज में कई एंट्री और एग्जिट पॉइंट है। जो छात्र प्रथम वर्ष के बाद अपनी पढ़ाई छोड़ने का निर्णय लेते हैं और उन्होंने 40 क्रेडिट या उससे अधिक प्राप्त किए हैं, उन्हें यूजी सर्टिफिकेट दिया जाएगा। इसके अलावा, जो लोग गर्मी की छुट्टियों के दौरान चार क्रेडिट का वोकेशनल कोर्स करते हैं, उन्हें तीन साल के भीतर फिर से डिग्री प्रोग्राम में प्रवेश लेकर अपनी पढ़ाई पूरी करने का अवसर मिलेगा। डिग्री प्रोग्राम पूरा करने के लिए उनके पास अधिकतम सात साल का समय होगा।
इसके अलावा, यदि कोई दूसरे वर्ष के बाद अपनी पढ़ाई छोड़ देता है और उसका क्रेडिट स्कोर 80 है, तो उसे यूजी डिप्लोमा का ऑफर दिया जाएगा। जो उम्मीदवार तीसरे वर्ष के बाद यूजी कोर्सेज छोड़ने का निर्णय लेते हैं और उनका स्कोर 120 क्रेडिट है, उन्हें तीन साल की यूजी डिग्री मिलेगी। वहीं, जो छात्र 160 के क्रेडिट स्कोर के साथ एक प्रमुख विषय में अपना यूजी कोर्स पूरा करते हैं, उन्हें चार साल की यूजी ऑनर्स डिग्री से सम्मानित किया जाएगा।
यूजी डिग्री (ऑनर्स विद रिसर्च)
4 साल के यूजी कोर्स के दौरान, जो छात्र अपने पहले छह सेमेस्टर में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करते हैं और अंडरग्रेजुएट लेवल पर रिसर्च करना चाहते हैं, उनके पास चौथे वर्ष में रिसर्च स्ट्रीम चुनने का ऑप्शन होगा। छात्र कॉलेज या विश्वविद्यालय के फैकल्टी सदस्य के मार्गदर्शन में एक रिसर्च प्रोजेक्ट कर सकेंगे। अधिका जानकारी के लिए छात्रों को संबंधित कॉलेज की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
यूजीसी दिशानिर्देशों के अनुसार, जो छात्र कोर्सेज को बीच में छोड़ देते हैं, वे फिर से इसमें शामिल हो सकते हैं और अपनी डिग्री पूरी कर सकते हैं। री- एडमिशन के लिए, उनके पास चार क्रेडिट के दो समर वोकेशनल कोर्सेज होंगे।


