Ismail Haniyeh latest news: हमास चीफ इस्माइल हनीयेह की हत्या को 18 दिन से ज्यादा हो चुके हैं, इतने दिन बीत जाने के बाद अब हानियेह का बेटा अब्दुस्सलाम दुनिया के सामने आया है। उसने हालिया इंटरव्यू में अपने पिता के कत्ल को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उसने दो महीने पहले पिता हानियेह के गेस्ट हाउस में बम रखने की बात को अफवाह करार दिया। उसने कहा कि इस्माइल हानियेह के कत्ल की पूरी कहानी कुछ और ही है। यह भी बताया कि जो अमेरिका इसमें संलिप्तता की बात से इनकार कर रहा है, असल में वह भी इस हत्या के जिम्मेदारों में से एक है।
हमास चीफ इस्माइल हानियेह की 31 जुलाई को तेहरान में हत्या कर दी गई। न्यूयॉर्क टाइम्स ने रिपोर्ट किया था कि जून के महीने में हानियेह के गेस्ट हाउस में बम रखा गया था। जब हानियेह ईरान के नए राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह के लिए पहुंचे तो वो कमरे में पहुंचे और कमरे में बम विस्फोट हो गया। जिसमें उनकी मौत हो गई। हानियेह के कत्ल को लेकर उनके बेटे अब्दुस्सलाम हानियेह ने बड़ा खुलासा किया है। कतर से सऊदी अरब की सरकारी मीडिया अल अरबिया को दिए साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि “मुझे लगता है कि विस्फोटक उपकरण की कहानी पूरी तरह से निराधार है। उनके कमरे से कुछ मीटर की दूरी पर एक कमरे में अंगरक्षक और अन्य सलाहकार बैठे थे, इसलिए यह स्पष्ट है कि अगर कोई विस्फोटक उपकरण होता, तो पूरी जगह उड़ जाता।”
अब्दुस्सलाम ने अल अरबिया से कहा, “यह एक गाइडेड मिसाइल थी जिसने उनके मोबाइल फोन को ट्रैक कर रखा था। उस मोबाइल फोन को उन्होंने सोते वक्त अपने सिर के पास रखा था। मिसाइल उस मोबाइल फोन को ट्रैक करते हुए लक्ष्य के लिए निकली और सीधे उनके कमरे के ऊपर जा गिरी।” हानियेह ने आगे बताया कि उसके पिता लगातार अपने फोन का इस्तेमाल कर रहे थे और यहां तक कि जिस रात उनकी हत्या हुई। उसी रात 10:15 बजे भी उन्होंने फोन का इस्तेमाल किया था।
अमेरिका की भी मिली-भगत
अल अरबिया की रिपोर्ट के अनुसार, हानियेह ने बेटे ने साक्षात्कार में यह भी आशंका जताई कि हवाई हमला अमेरिकी “मिली-भगत” में किया गया था। बता दें कि ईरान ने इस हमले के लिए इज़रायल को दोषी ठहराया है और जवाबी कार्रवाई करने की कसम खाई है। हालांकि, इज़रायल ने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है। संयुक्त राज्य अमेरिका ने भी हत्या में किसी भी तरह की संलिप्तता की बात से इनकार किया है।
तेहरान में एक समारोह में भाग लेने पहुंचे थे हानियेह
अब्दुस्सलाम ने कहा, “मेरे पिता एक आधिकारिक समारोह में भाग लेने गए थे, और वे अपना मोबाइल फोन साथ लेकर आए थे, इसलिए ऑपरेशन बहुत जटिल नहीं था।” उन्होंने बताया, “वह अन्य प्रतिनिधिमंडलों के साथ राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने के लिए उस देश में थे, इसलिए सुरक्षा उपायों की तुलना बिना मोबाइल फोन के किसी गुप्त क्षेत्र में किए गए उपायों से नहीं की जा सकती।”


