अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति और रिपबल्किन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप पर दो महीने में दूसरी हत्या का प्रयास हुआ और चमत्कारिक रूप से वह दोनों बार बच निकले। 13 जुलाई को एक रैली के बाद ताजा हमला रविवार दोपहर उनके ही एक गोल्फ क्लब में हुआ। घटना के वक्त ट्रंप गोल्फ खेल रहे थे और हमलावर 400 गज दूर झाड़ियों में छिपा था। हालांकि ट्रंप पर सीधा हमला नहीं हुआ है लेकिन, एफबीआई का कहना है कि मामला ट्रंप के हत्या के प्रयास से जुड़ा है। अमेरिकी इतिहास में यह पहली बार नहीं है, जब किसी राष्ट्रपति या राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार की हत्या का प्रयास किया गया। कुछ की किस्मत खराब रही और कई हमलों से बाल-बाल बच निकले।
एक नजर, अमेरिकी राष्ट्रपतियों या उम्मीदवारों पर, जिन पर जानलेवा हमला हुआ-
1865, अब्राहम लिंकन (16वें राष्ट्रपति) – वाशिंगटन डीसी में अपनी पत्नी के साथ एक थिएटर नाटक देखते समय अमेरिका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन की हत्या कर दी गई। उन्हें जॉन विल्क्स बूथ नामक शख्स ने गोली मारी। हमले के अगली सुबह उनकी मृत्यु की पुष्टि की गई। आरोपी को 12 दिन बाद वर्जीनिया में भागते हुए सुरक्षाबलों ने गोली मार दी थी।
1881, जेम्स गारफील्ड (20वें राष्ट्रपति)- अमेरिकी राष्ट्रपति का पदभार ग्रहण करने के छह महीने बाद वाशिंगटन डीसी में ट्रेन स्टेशन पर चलते समय जेम्स गारफील्ड को गोली मार दी गई। कुछ सप्ताह बाद इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। उनके हत्यारे चार्ल्स गुइटो को फांसी दी गई।
1901, विलियम मैककिनले (25वें राष्ट्रपति)- न्यूयॉर्क में भाषण देने के बाद हमलावर ने विलियम मैककिनले को नजदीक से गोली मारी। मैककिनले के ठीक होने की उम्मीद थी, लेकिन घाव के पूरी तरह से न भरने के कारण आठवें दिन उनकी मौत हो गई। 28 वर्षीय लियोन एफ कोज़ोलगोज़ ने हत्या की बात स्वीकारी। कुछ सप्ताह बाद ही उसे मौत की सजा दे दी गई।
1912, थियोडोर रूजवेल्ट ( पूर्व राष्ट्रपति)- रूजवेल्ट अमेरिका के 26वें राष्ट्रपति रह चुके थे। 1912 में वे व्हाइट की दौड़ में फिर शामिल थे। उन्हें मिल्वौकी में गोली मार दी गई। वे गोली लगने से बच गए, लेकिन गोली उनके सीने में जीवन भर रही।
1933, फ्रैंकलिन रूजवेल्ट (32वें राष्ट्रपति) – अमेरिका के 32 वें राष्ट्रपति फ्रैंकलिन रूजवेल्ट पर 1933 में मियामी में हत्या की नाकाम कोशिश की गई। वो इस हमले में बच निकले थे।
1963, जॉन एफ कैनेडी (35वें राष्ट्रपति) – जॉ एफ कैनेडी को अमेरिका के डलास शहर में तब गोली मारी गई, जब वो अपनी पत्नी के साथ काफिले से होकर गुजर रहे थे। हमलावर ने दूर से निशाना साधकर कैनेडी के सिर पर गोली मारी। कुछ घंटों बाद ही व्हाइट हाउस ने कैनेडी की मौत की घोषणा की। आरोपी को गिरफ्तार किया गया लेकिन, पेशी के दौरान ले जाते वक्त डलास के एक नाइट क्लब के मालिक जैक रूबी ने उसे गोली मार दी।
1968, रॉबर्ट एफ कैनेडी ( राष्ट्रपति उम्मीदवार) – जॉन एफ कैनेडी के छोटे भाई रॉबर्ट एफ कैनेडी डेमोक्रेटिक पार्टी से चुनाव लड़ रहे थे। उन्होंने 1968 के कैलिफोर्निया में जीत हासिल कर ली थी। भाषण देने के ठीक बाद उन्हें हमलावर ने गोली मार दी। हत्यारे को पकड़ा गया औऱ मौत की सजा सुनाई गई। हालांकि सजा को फिर आजीवन कारावास में बदल दिया गया।
1972, जॉर्ज वालेस (राष्ट्रपति उम्मीदवार)- जॉर्ज वालेस डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से अमेरिकी राष्ट्रपति का चुनाव लड़ रहे थे। मैरीलैंड में एक अभियान के दौरान उन्हें गोली मार दी गई। हमलावर ने उन्हें चार बार गोली मारी गई। एक गोली उनकी रीढ़ की हड्डी में जा लगी। इससे उन्हें जीवन भर के लिए लकवा मार गया। उन्हें गोली मारने वाला व्यक्ति आर्थर ब्रेमर था। उसे दोषी ठहराया गया और जेल की सजा सुनाई गई। उसे 2007 में रिहा किया गया।
1975, गेराल्ड फोर्ड (38वें राष्ट्रपति)- अमेरिका के 38वें राष्ट्रपति गेराल्ड फोर्ड पर 17 दिनों के भीतर दो बार हत्या के प्रयास किए गए। दोनों हमले कैलिफोर्निया में महिलाओं द्वारा किए गए थे। हालांकि वो दोनों बार बच निकले। हत्या के प्रयास में दोनों महिलाओं लिनेट फ्रॉम और सारा जेन मूर को आजीवन कारावास की सजा मिली।
1981, रोनाल्ड रीगन (40वें राष्ट्रपति)- 1981 में वाशिंगटन डीसी में भाषण देते वक्त जॉन हिंकले जूनियर नाम के हमलवार ने रोनाल्ड रीगन को गोली मारी। गोली उनके दिल को छूते हुए आर-पार हो गई। आरोपी को पागलपन के कारण दोषी नहीं ठहराया गया, बल्किम मानसिक अस्पताल में भर्ती किया गया। रीगन इस हमले में बच गए थे।
1994, बिल क्लिंटन (42वें राष्ट्रपति) – व्हाइट हाउस की सुरक्षा में सेंध करते हुए हमलावर ने बिल क्लिंटन की हत्या का प्रयास किया। हमलावर फ्रांसिस्को मार्टिन ड्यूरन ने सेमी ऑटोमैटिक राइफल से इमारत पर गोली चलाई। क्लिंटन को कोई नुकसान नहीं हुआ। हमलावर को 40 साल की जेल की सजा सुनाई गई।
2005, जॉर्ज डब्ल्यू बुश (43वें राष्ट्रपति)- बुश जॉर्जियाई राष्ट्रपति मिखाइल साकाशविली के साथ त्बिलिसी में एक रैली में उपस्थित थे। तब व्लादिमीर अरुतुयनियन नामक एक हमलावर ने पोडियम की ओर एक हथगोला फेंका। विस्फोट नहीं हुआ और कोई भी घायल नहीं हुआ लेकिन, बुश पर जानलेवा हमले के प्रयास में हमलवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।


