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आईजीआई एयरपोर्ट से पंजाब के लिए निकले दो विदेशी नागरिकों को अपनी जान बचाने के लिए चलती कार से कूदने के लिए मजबूर हो पड़ गया. आईजीआई एयरपोर्ट पुलिस ने इस मामले में एक ज्वैलर सहित कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया …और पढ़ें

हाइलाइट्स
- दिल्ली एयरपोर्ट पर दो जापानी नागरिकों से लूट.
- पुलिस ने 500 किमी पीछा कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया.
- गिरफ्तार आरोपियों में एक ज्वैलर भी शामिल है.
Airport News: 20 जनवरी को रात के करीब 11:40 बजे रहे होंगे. दिल्ली एयरपोर्ट पुलिस कंट्रोल रूम को जानकारी मिलती है कि दो जापानी नागरिक खुद की जान बचाने के लिए दोनों विदेशी नागरिक चलती कार से कूद गए हैं. दोनों विदेशी नागरिक लहुलुहान हालत पर मौके पर मौजूद है. यह जानकारी मिलते ही इंदिरा गांधी इंटरनेशन एयरपोर्ट पुलिस की टीम बिना देरी किए मौके के लिए रवाना हो जाती है.
मौके पर पहुंचने के बाद पुलिस टीम दोनों को लेकर समीपवर्ती अस्पताल पहुंचती है, जहां दोनों का इलाज और मेडिकल कराया जाता है. दोनों विदेशी नागरिकों की पहचान इंडोनेशिया मूल के फाधली और महथीर के तौर पर की गई. पुलिस को दिए अपने बयान में 35 वर्षीय फाधली ने बताया कि वह अपने चचेरे भाई महथीर के साथ 20 जनवरी की रात करीब 9 बजे इंडोनेशिया से आईजीआई एयरपोर्ट पहुंचा था.
दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पहुंचने के बाद फाधली ने अपने एक दोस्त के मदद से कैब बुक की. एयरपोर्ट के बाहर निकलते ही दोनों की मुलाकात नरेश नामक कैब ड्राइवर से हुई. नरेश वहीं ड्राइवर था, जिसे फाधली के दोस्त ने पिक करने के लिए भेजा था. पंजाब चलने की बात कह दोनों कैब में सवार हो गए. कुछ दूर चलने के ड्राइवर नरेश ने कैब रोक दी और अपने जानकार दो लोगों को कार में बैठा लिया.
जान से मारने की धमकी देकर लूटने लगे सामान
एयरोबिटी के करीब पहुंचते ही कैब ड्राइवर नरेश और उसके दो साथियों ने दोनों धमकाना शुरू कर दिया. दोनों उनसे उनका फोन, पर्स सहित सभी कीमती सामान मांगले लगे. मना करने पर तीनों ने मिलकर दोनों विदेशी नागरिकों को पीटना शुरू कर दिया. इसी बीच, नरेश ने स्क्रू ड्राइवर निकाल लिया और दोनों को जान से मारने की धमकी देने लगा. अब तक कार एयरोसिटी के करीब स्थिति फ्लाईओवर पर पहुंच गई थी.
फ्लाईओवर पर ट्रैफिक कंजेशन की वजह से कार की रफ्तार धीमी हो गई. इसी दौरान, दोनों विदेशी नागरिकों को मौका मिला और दोनों अपनी जान बचाने के लिए कार से कूद गए. अपने बयान में दोनों ने बताया कि कार से कूदकर दोनों ने अपनी जान तो बचा ली थी, लेकिन उनका सारा सामान कार में रह गया था. जिसमें 8000 रिंगगिट, एक ट्रॉली बैग और दो मोबाइल शामिल हैं. आरोपी उनका यह सामान लेकर फरार हो गए.
सीसीटीवी से हुई आरोपी कैब ड्राइवर की पहचान
आईजीआई एयरपोर्ट की डीसीपी उषा रंगनानी के अनुसार, दोनों विदेशी नागरिकों के बयान के आधार पर एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच के लिए एसएचओ सुनील गोयल की लीडरशिप में एक टीम का गठन किया गया. इस टीम में इंस्पेक्टर अवधेश कुमार, एसआई्र राहुल यादव, एसआई राजेश, लेडी एसआई सरोज, हेडकॉन्स्टेबल प्रदीप, विनोद, कांस्टबल हेमंत और पंकज भी शामिल थे.
पुलिस टीम ने कार और आरोपियों की पहचान के लिए एयरपोर्ट पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू की. लंबी जद्दोजहद के बाद पुलिस ने उस कार मारूती एस-प्रेसो की पहचान कर ली, जिससे अपराध को अंजाम दिया गया था. यह कार में पंजाब का रजिस्ट्रेशन नंबर था और वह नरेश नामक शख्स के नाम पर रजिस्टर्ड थी. अब आरोपियों को धरदबोचने के लिए पुलिस टीम के पर्याप्त जानकारी आ गई थी.
500 किमी पीछा करने के बाद हुई चार गिरफ्तारियां
डीपीसी उषा रंगनानी ने बताया कि आरोपियों की धरपकड़ के लिए फौरन एक टीम को पंजाब रवाना कर दिया गया. पुलिस पहुंचती इससे पहले नरेश को भनक लग गई और उसने गिरफ्तारी के डर से लगातार जगह बदलना शुरू कर दिया. करीब-करीब 500 किलोमीटर लगतार पीछा करने के बाद पुलिस टीम नरेश तक पहुंचने में कामयाब रहीं और उसे लुधियाना (पंजाब) से धर दबोचा गया.
आईजीआई एयरपोर्ट पुलिस की टीम ने 57 वर्षीय आरोपी नरेश के कब्जे से 8000 रिंगगिट, दोनों मोबाइल और अपराध में इस्तेमाल हुई कार को बरामद कर लिया. नरेश की निशानदेही पर पुलिस ने इस मामले में तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया, जिनकी पहचान सोनीपत निवासी मोहित, लुधियाना निवासी पंकज गुप्ता और सुभाष सूद के तौर पर हुई है. सुभाष सूद एक ज्वैलर है. इस केस में एक ज्वैलर की गिरफ्तारी ने पूरे मामले को नया रंग दे दिया है.
Delhi,Delhi,Delhi
January 28, 2025, 21:24 IST


