गांवों में रोजगार बढ़ाने और किसानों की आमदनी मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार लगातार नई योजनाएं ला रही है. इसी कड़ी में अब पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए एक खास योजना पर जोर दिया जा रहा है. नेशनल लाइवस्टॉक मिशन (NLM) के तहत सरकार भेड़ और बकरी पालन शुरू करने वाले लोगों को 50 लाख रुपये तक की सब्सिडी दे रही है.
अगर कोई किसान खेती के साथ-साथ अतिरिक्त कमाई का रास्ता तलाश रहा है, तो भेड़ और बकरी पालन एक अच्छा और मुनाफे वाला विकल्प बन सकता है. सरकार का मानना है कि इस योजना से गांवों में छोटे स्तर पर कारोबार शुरू होंगे और लोगों को अपने गांव में ही रोजगार के अवसर मिलेंगे.
कैसे शुरू होगी ब्रीडिंग यूनिट
इस योजना के तहत इच्छुक उद्यमी एक ब्रीडिंग यूनिट शुरू कर सकते हैं. इसके लिए कम से कम 500 मादा और 25 नर भेड़ या बकरी रखने का प्रावधान है. यह यूनिट ऐसी नस्लों के साथ शुरू की जाएगी जिनकी गुणवत्ता अच्छी हो और जो ज्यादा दूध या बेहतर ऊन दे सकें. नस्ल का चयन सरकार द्वारा तय सूची से किया जा सकता है या फिर राज्य सरकार की सलाह लेकर भी तय किया जा सकता है.
पशुओं की नस्ल का चयन
इस योजना में यह भी खास ध्यान रखा गया है कि पशुओं की नस्ल अच्छी हो. उच्च गुणवत्ता वाली नस्लों से दूध, मांस और ऊन का उत्पादन ज्यादा होता है. इसलिए किसानों और उद्यमियों को सलाह दी जाती है कि वे ऐसी नस्लों का चयन करें जो स्थानीय मौसम में आसानी से रह सकें और ज्यादा उत्पादन दे सकें.
सब्सिडी कैसे मिलेगी
सरकार इस योजना के तहत अधिकतम ₹50 लाख तक की सब्सिडी दे रही है. यह राशि एक साथ नहीं बल्कि दो बराबर हिस्सों में दी जाएगी. पहली किस्त तब मिलेगी जब बैंक से लोन की पहली रकम जारी हो जाएगी और सरकारी एजेंसी प्रोजेक्ट की जांच कर लेगी. दूसरी किस्त तब दी जाएगी जब पूरा प्रोजेक्ट तैयार हो जाएगा और संबंधित अधिकारी यह प्रमाणित कर देंगे कि यूनिट सही तरीके से शुरू हो गई है.
आवेदन कैसे करें
जो लोग इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, उन्हें ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना होगा. आवेदन के साथ जरूरी दस्तावेज, बैंक गारंटी और निर्धारित फॉर्म जमा करना जरूरी होगा. अगर कोई व्यक्ति अपने पैसे से प्रोजेक्ट शुरू करना चाहता है, तब भी उसे सब्सिडी मिल सकती है. लेकिन इसके लिए बैंक से प्रोजेक्ट का मूल्यांकन कराना और बैंक गारंटी देना जरूरी होगा.
भेड़ और बकरी पालन क्यों है फायदेमंद
ग्रामीण क्षेत्रों में भेड़ और बकरी पालन लंबे समय से किया जाता रहा है. लेकिन अब इसे एक व्यवस्थित व्यवसाय के रूप में बढ़ावा दिया जा रहा है. भेड़ और बकरी से दूध, मांस और ऊन जैसे कई उत्पाद मिलते हैं. इनकी मांग बाजार में लगातार बनी रहती है. यही वजह है कि अगर इसे सही तरीके से किया जाए तो यह एक अच्छा कारोबार बन सकता है.
यह भी पढ़ें – PM Kisan Installment: कब आएगी पीएम किसान की 22वीं किस्त? जानें कैसे चेक कर पाएंगे स्टेटस


