PM Kusum Yojana: भारत में खेती का असली दम पानी और मिट्टी में है. लेकिन बिना बिजली के सब अधूरा रह जाता है. सालों से हमारे किसान भाई कभी महंगी डीजल की मार झेलते थे. तो कभी रात-रात भर जागकर बिजली आने का इंतजार करते थे. इसी सिरदर्द को खत्म करने के लिए सरकार लेकर आई पीएम-कुसुम योजना (PM-KUSUM).
इस योजना का पूरा नाम प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान है. जो अब सिंचाई की टेंशन खत्म कर कमाई के नए रास्ते खोल रहा है. चलिए जानते हैं कि कैसे यह योजना आपकी बंजर जमीन से भी सोना उगलवा सकती है और आपको बिजली के बिल से पूरी तरह आजादी दिला सकती है.
क्या है पीएम-कुसुम योजना?
नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) की ओर से शुरू की गई यह स्कीम खेती में सोलर पावर के इस्तेमाल को बढ़ावा देती है. इसका सबसे बड़ा मकसद किसानों को डीजल पंपों और अनिश्चित ग्रिड बिजली के चंगुल से बाहर निकालना है. इस योजना के तहत किसान अपने खेतों में सोलर पैनल लगवाकर न सिर्फ सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली पा सकते हैं. बल्कि जरूरत से ज्यादा बिजली को ग्रिड को बेचकर एक्स्ट्रा इनकम भी कर सकते हैं.
- साल 2019 में शुरू हुई इस योजना की सफलता को देखते हुए सरकार ने इसकी समयसीमा को बढ़ाकर मार्च 2026 तक कर दिया है.
- यह योजना तीन बड़े लक्ष्यों पर काम करती है: सिंचाई के लिए भरोसेमंद बिजली, सौर ऊर्जा बेचकर किसानों की कमाई बढ़ाना और पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त रखना.
आसान शब्दों में कहें तो. अब आपका खेत सिर्फ अनाज ही नहीं बल्कि बिजली भी पैदा करेगा जो सीधे आपके बैंक बैलेंस को बढ़ाएगी.
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कौन उठा सकता है इसका फायदा?
पीएम-कुसुम योजना का दायरा काफी बड़ा है. जिससे छोटे से लेकर बड़े किसान और ग्रुप्स तक इसका लाभ ले सकें. इसके नियम राज्यों के हिसाब से थोड़े बहुत अलग हो सकते हैं, लेकिन मुख्य रूप से ये लोग पात्र हैं:
- व्यक्तिगत किसान अपनी जमीन पर सोलर प्लांट या पंप लगवा सकते हैं.
- किसान समूह, सहकारी समितियाँ और पंचायतें भी बड़े स्तर पर इसका फायदा उठा सकती हैं.
- किसान उत्पादक संगठन (FPO) और जल उपयोगकर्ता संघ (WUA) जैसे संगठन भी इस योजना में शामिल होकर सोलर फीडर लगवा सकते हैं.
- योजना का क्रियान्वयन राज्य की नोडल एजेंसियों (SNA) के जरिए होता है, जिससे स्थानीय स्तर पर किसानों को पूरी गाइडेंस और सपोर्ट मिलता है.
खास बात यह है कि जिन किसानों के पास बंजर जमीन है. वे उसे सोलर पावर प्लांट लगाने के लिए लीज पर देकर भी हर महीने फिक्स्ड कमाई कर सकते हैं.
कैसे करें आवेदन?
अगर आप भी इस योजना से जुड़ना चाहते हैं. तो इसकी प्रोसेस काफी सरल और डिजिटल है. बस आपको सही आधिकारिक पोर्टल का चुनाव करना होगा ताकि आप किसी फ्रॉड का शिकार न हों.
- सबसे पहले अपने राज्य के आधिकारिक पीएम-कुसुम पोर्टल या नेशनल पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन करें.
- आपको अपनी जरूरत के हिसाब से सही कंपोनेंट चुनना होगा.
- जैसे नया सोलर पंप लगवाना या पुराने बिजली वाले पंप को सोलर में बदलना.
- आवेदन के दौरान अपनी जमीन के कागजात, पंप की डिटेल्स और आधार जैसे जरूरी डॉक्यूमेंट्स ऑनलाइन सबमिट करने होते हैं.
एक बार साइट वेरिफिकेशन और मंजूरी मिलने के बाद सरकार की तरफ से भारी सब्सिडी दी जाती है. जिससे किसान को अपनी जेब से बहुत कम हिस्सा खर्च करना पड़ता है. बाकी का पैसा बैंक लोन के जरिए भी मैनेज किया जा सकता है. जिसे सोलर बिजली बेचकर होने वाली कमाई से धीरे-धीरे चुकाया जा सकता है.
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