Bihar Government Schemes For Farmers: बिहार सरकार आजकल खेती को घाटे का सौदा नहीं बल्कि एक फायदे वाला बिजनेस बनाने के लिए किसीानों के लिए स्कीम्स की बौछार कर रही है. इन योजनाओं का असल मकसद किसानों की जेब में डायरेक्ट पैसा डालना और उन्हें मॉडर्न इक्विपमेंट्स से लैस करना है. जिससे प्रोडक्शन में कोई कमी न आए. चाहे बात सिंचाई की हो, नए बीज खरीदने की या फिर फसल खराब होने पर मुआवजे की.
बिहार सरकार का एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट हर कदम पर किसानों के साथ खड़ा नजर आता है. इन सरकारी योजनाओं का सबसे बड़ा प्लस पॉइंट यह है कि इनका प्रोसेस अब काफी हद तक डिजिटल हो गया है. जिससे बिचौलियों का खेल खत्म हो रहा है. अगर आप बिहार के किसान हैं तो इन स्कीम्स की जानकारी रखकर आप अपनी इनकम को कई गुना बढ़ा सकते हैं. जान लीजिए अपने फायदे की बात.
कृषि यंत्रीकरण योजना
बिहार में खेती को आसान बनाने के लिए सरकार कृषि यंत्रों पर भारी सब्सिडी दे रही है. जिससे छोटे किसान भी बड़ी मशीनें खरीद सकें. इस योजना के तहत ट्रैक्टर, कंबाइन हार्वेस्टर और बुवाई की मशीनों पर 40 से 80 परसेंट तक की छूट दी जाती है. यह स्कीम उन किसानों के लिए वरदान है जो लेबर की कमी और महंगे किराए से परेशान रहते हैं.
- किसान भाई डीबीटी पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं और अपनी पसंद की मशीन पर सब्सिडी पा सकते हैं.
- इसमें खास तौर पर पराली मैनेजमेंट और कल्टीवेटर जैसी मशीनों पर एक्स्ट्रा फोकस किया जा रहा है. जिससे पर्यावरण को भी फायदा पहुंचे.
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बिहार राज्य फसल सहायता योजना
यह योजना उन किसानों के लिए है जिनकी फसलें मौसम की मार, ओलावृष्टि या बाढ़ के कारण बर्बाद हो जाती हैं. इसमें बाकी इंश्योरेंस स्कीम की तरह कोई प्रीमियम नहीं भरना पड़ता. बल्कि नुकसान होने पर सरकार सीधे मदद करती है. इसमें रबी और खरीफ दोनों सीजन की मुख्य फसलों को कवर किया गया है. ताकि किसानों का रिस्क कम हो सके.
- फसल 20 परसेंट से ज्यादा नुकसान होने पर 7500 रुपये और उससे ज्यादा नुकसान पर 10000 रुपये प्रति हेक्टेयर तक की मदद मिलती है.
- इसके लिए किसान को सरकारी पोर्टल पर अपनी फसल की जानकारी के साथ रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होता है. जिससे कि उन्हें सर्वे के बाद पैसा मिल सके.
मुख्यमंत्री बागवानी मिशन
बिहार सरकार फल, फूल और सब्जियों की खेती को प्रमोट करने के लिए मुख्यमंत्री बागवानी मिशन चला रही है. जिसमें पॉली हाउस और शेड नेट लगाने के लिए तगड़ा फंड मिलता है. इसके साथ ही खेती की लागत कम करने के लिए डीजल अनुदान योजना भी काफी पॉपुलर है. जो सिंचाई के लिए होने वाले खर्च में बड़ी राहत देती है. यह सीधा पैसा किसानों के बैंक अकाउंट में डीबीटी के जरिए पहुंचता है.
- आम, लीची, मशरूम और शहद उत्पादन के लिए सरकार यूनिट सेटअप करने पर 50 परसेंट तक की सहायता राशि प्रदान करती है.
- ड्रिप सिंचाई यानी पर ड्रॉप मोर क्रॉप के तहत सिंचाई सिस्टम लगाने पर भी सरकार किसानों को बहुत कम खर्च में टेक्नोलॉजी उपलब्ध करा रही है.
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