Date Palm Cultivation: किसान भाई आज के दौर में अगर आप खेती को एक बिजनेस की तरह देखते हैं. तो खजूर की फार्मिंग आपके लिए किसी जैकपॉट से कम नहीं है. पारंपरिक फसलों के मुकाबले खजूर की खेती में रिस्क कम और रिटर्न बहुत ही शानदार है. सबसे मजे की बात यह है कि इसकी खेती उन इलाकों में भी की जा सकती है जहां पानी की कमी है या जमीन थोड़ी रेतीली है.
मॉडर्न एग्रीकल्चर तकनीकों, खासकर टिशू कल्चर का इस्तेमाल करके अब किसान एक एकड़ से ही सालाना 6 से 12 लाख रुपये तक की तगड़ी कमाई कर रहे हैं. खजूर की डिमांड मार्केट में साल भर बनी रहती है. चाहे वो ड्राई फ्रूट के रूप में हो या ताजे फल के तौर पर. अगर आप अपनी जमीन से उगलवाना चाहते हैं नोट तो खजूर की खेती आपके लिए परफेक्ट साबित हो सकती है. ऐसे कर सकते हैं शुरू.
सही किस्म चुनना जरूरी
खजूर की खेती में सबसे पहला और जरूरी कदम है सही वैरायटी और मॉडर्न प्लांटिंग मेथड को अपनाना. आजकल टिशू कल्चर से तैयार पौधों की डिमांड सबसे ज्यादा है क्योंकि ये पौधे बीमारियों से मुक्त होते हैं और जल्दी फल देना शुरू कर देते हैं. अगर आप बरही या मेडजूल जैसी प्रीमियम किस्मों को चुनते हैं. तो उनकी मार्केट वैल्यू बहुत ज्यादा होती है.
- टिशू कल्चर के पौधे सामान्य बीजों के मुकाबले तेजी से ग्रोथ करते हैं और इनमें फल लगने की गारंटी काफी ज्यादा होती है.
- अच्छी किस्म के एक पेड़ से साल भर में करीब 70 से 100 किलो तक खजूर की पैदावार आसानी से ली जा सकती है.
सही बीज और तकनीक का तालमेल आपकी खेती को शुरू से ही मुनाफे की पटरी पर दौड़ाने लगता है.
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लो मेंटेनेंस में बंपर मुनाफा
खजूर की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसे बहुत ज्यादा लाड़-प्यार या चौबीस घंटे पानी की जरूरत नहीं पड़ती. यह रेगिस्तानी इलाकों का राजा है. इसलिए यह कठोर धूप और पानी की किल्लत को आराम से झेल लेता है. ड्रिप इरिगेशन यानी टपक सिंचाई के जरिए आप इसे बहुत कम पानी में भी शानदार तरीके से उगा सकते हैं.
- इसके बाग तैयार होने के बाद मेंटेनेंस का खर्चा बहुत कम हो जाता है क्योंकि इसे बार-बार खाद या महंगे कीटनाशकों की जरूरत नहीं होती.
- यह फसल उन किसानों के लिए बेस्ट है जो कम लेबर और कम संसाधनों में एक स्टेबल इनकम सोर्स बनाना चाहते हैं.
एक बार बाग सेट हो जाए. तो यह दशकों तक आपको फल देता रहता है. जो इसे एक लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट बनाता है.
साल भर में लाखों की कमाई
खजूर की कमाई सिर्फ फल बेचने तक सीमित नहीं है. बल्कि इसकी प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन भी मोटा पैसा दिलाते हैं. आप ताजे खजूर को सीधा मार्केट में बेच सकते हैं या फिर उन्हें सुखाकर छुआरे के रूप में प्रीमियम दाम पर सप्लाई कर सकते हैं. एक एकड़ में करीब 60 से 70 पौधे लगते हैं और जैसे-जैसे पेड़ पुराने होते हैं, प्रॉफिट बढ़ता जाता है.
- रिटेल मार्केट में अच्छी क्वालिटी के खजूर के दाम हमेशा ऊंचे रहते हैं, जिससे किसानों को सीधा बड़ा मार्जिन मिलता है.
- इसकी सेल्फ-लाइफ अच्छी होने की वजह से किसान इसे दूर-दराज की मंडियों में भी बिना खराब हुए आसानी से भेज सकते हैं.
अगर आप थोड़ी सी प्लानिंग और मॉडर्न मार्केटिंग स्ट्रैटेजी अपनाते हैं, तो 6 से 12 लाख का सालाना आंकड़ा छूना कोई मुश्किल काम नहीं है.
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