Kitchen Gardening Tips: गर्मियों की तपती दोपहर में जब बाजार की सब्जियां मुरझाई हुई दिखने लगती हैं तब घर के किचन गार्डन में उगी ताजी लौकी किसी लग्जरी से कम नहीं लगती. आजकल का जो मॉडर्न लाइफस्टाइल है उसमें ऑर्गेनिक और खुद की उगाई सब्जियों का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है. अपनी बालकनी या छत पर आप बड़े आराम से लौकी उगा सकते हैं.
बस थोड़ी मेहनत और सही प्लानिंग के साथ आप अपनी गार्डनिंग जर्नी शुरू कर सकते हैं. लौकी की बेल न सिर्फ आपको ताजी सब्जियां देती है बल्कि आपके घर के वातावरण को भी नेचुरल कूलिंग वाइब्स देती है. तो चलिए जानते हैं कि कैसे आप इस गर्मी अपने घर को एक मिनी फार्म हाउस में बदल सकते हैं और बाजार के चक्कर काटने वाली टेंशन को हमेशा के लिए बाय-बाय कह सकते हैं.
किचन गार्डन में ऐसे उगाएं लौकी
लौकी उगाने की शुरुआत हमेशा प्रीमियम क्वालिटी के बीजों से करनी चाहिए जिससे रिजल्ट्स भी शानदार मिलें. आपको इसे उगाने के लिए एक बड़े साइज का पॉट या ग्रो बैग सिलेक्ट करना होगा जिसमें ड्रेनेज सिस्टम अच्छा हो. मिट्टी तैयार करते समय उसमें ऑर्गेनिक खाद और कोकोपीट जरूर मिलाएं जिससे जड़ों को फैलने के लिए अच्छी जगह मिले.
- हमेशा हाइब्रिड बीजों का चुनाव करें क्योंकि इनमें बीमारियां कम लगती हैं और पैदावार ज्यादा होती है.
- बीजों को लगाने से पहले कम से कम 24 घंटे पानी में भिगोकर रखें ताकि जर्मिनेशन प्रोसेस फास्ट हो जाए.
सही मिट्टी और बीजों का चुनाव ही आपके गार्डन की सक्सेस का सीक्रेट है.
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वर्टिकल गार्डनिंग और बेल का सपोर्ट
लौकी एक बेल वाली सब्जी है इसलिए इसे फैलने के लिए प्रॉपर स्ट्रक्चर की जरूरत होती है. मॉडर्न अर्बन गार्डनिंग में जगह कम होती है इसलिए वर्टिकल सपोर्ट सबसे बेस्ट ऑप्शन है. जब बेल बड़ी होने लगे तो उसे किसी रस्सी या नेट के सहारे ऊपर की तरफ चढ़ाएं ताकि फल जमीन को न छुएं और सड़ने से बचे रहें.
- मजबूत नायलॉन की जाली या बांस की स्टिक्स का इस्तेमाल करके एक बढ़िया मचान तैयार करें.
- बेल के ऊपरी हिस्से की पिंचिंग करते रहें जिससे साइड से नई ब्रांचेज निकलें और ज्यादा फल आएं.
बेल को जितना अच्छा सपोर्ट मिलेगा फल उतने ही हेल्दी और शेप में बढ़ेंगे.
इन बातों का रखें ध्यान
गर्मियों के मौसम में पौधों को हाइड्रेटेड रखना सबसे बड़ा टास्क होता है. लौकी को नमी पसंद है इसलिए सुबह या शाम के वक्त रेगुलर पानी देना न भूलें लेकिन ओवरवाटरिंग से बचें. समय-समय पर नीम ऑयल का स्प्रे करते रहें ताकि पेस्ट्स और कीड़े आपके पौधों को नुकसान न पहुंचा सकें.
- मल्चिंग तकनीक का इस्तेमाल करें जिससे मिट्टी की नमी धूप की वजह से जल्दी न सूखे.
- हर 15 दिन में लिक्विड फर्टिलाइजर या किचन वेस्ट से बनी खाद देना जारी रखें.
लगातार देखभाल और सही पोषण से आपकी किचन गार्डन की लौकी किसी सुपरफूड से कम नहीं होगी.
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