Khet Talab Yojana: खेती-किसानी में आज के समय में सबसे बड़ी चुनौती सिंचाई की है, खासकर उन इलाकों में जहाँ बारिश कम होती है या भूजल स्तर लगातार नीचे गिर रहा है. किसानों की इसी परेशानी को समझते हुए सरकार ने ‘खेत तालाब योजना’ की शुरुआत की है, जो अन्नदाताओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. इस स्कीम के तहत आप अपनी ही जमीन पर तालाब खुदवा सकते हैं, जिसके लिए सरकार 75000 रुपये तक की भारी-भरकम सब्सिडी दे रही है.
इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि बारिश का जो पानी बर्बाद होकर बह जाता था. उसे आप अब स्टोर कर पाएंगे. यह न केवल आपकी फसलों को सूखे से बचाएगा. बल्कि आपकी खेती की लागत को भी काफी हद तक कम कर देगा. सरकार चाहती है कि किसान सिंचाई के लिए केवल मानसून पर निर्भर न रहें और उनके पास अपना खुद का पानी का बैकअप हमेशा तैयार रहे.
सिंचाई के साथ-साथ कमाई भी
इस योजना की सबसे शानदार बात यह है कि यह तालाब सिर्फ सिंचाई का जरिया नहीं. बल्कि आपकी एक्स्ट्रा इनकम का एक मजबूत सोर्स भी बन सकता है. जब आपके पास अपना तालाब होगा, तो आप खेती के साथ-साथ मछली पालन या मोती की खेती जैसे बिजनेस भी शुरू कर सकते हैं. सरकार मोती की खेती के लिए भी काफी प्रमोट कर रही है.जिससे किसान लाखों की कमाई कर रहे हैं.
- तालाब के पानी का इस्तेमाल आप सब्जियों और बागवानी के लिए भी कर सकते हैं.
- मछली पालन शुरू करके आप हर सीजन में अपनी इनकम को कई गुना बढ़ा सकते हैं.
यानी एक ही निवेश में आपको सिंचाई के लिए पानी भी मिलेगा और एक्स्ट्रा मुनाफा कमाने का मौका भी.
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तालाब बनवाने के लिए क्या है पात्रता?
अगर आप इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं. तो इसके लिए कुछ जरूरी शर्तें रखी गई हैं जिससे सही व्यक्ति तक मदद पहुंच सके. सबसे पहली शर्त यह है कि आवेदक के पास खुद की कृषि भूमि होनी चाहिए और वह उत्तर प्रदेश का निवासी होना चाहिए. इसमें छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता दी जाती है. जिससे वे भी इंडिपेंडेंट बन सकें और उनकी खेती पर मौसम का असर न पड़े.
- सरकार तालाब खुदाई की कुल लागत का लगभग 50% या अधिकतम 75000 रुपये की मदद देती है.
- अनुसूचित जाति और जनजाति के किसानों के लिए इसमें विशेष आर्थिक छूट का प्रावधान है.
यह स्कीम उन किसानों के लिए सबसे अच्छी है जो परंपरागत खेती से हटकर कुछ नया और मुनाफे वाला काम करना चाहते हैं.
ऐसे करें आवेदन
इस सरकारी स्कीम का फायदा उठाने के लिए आपको कहीं भटकने की जरूरत नहीं है. पूरी प्रक्रिया को काफी सरल और डिजिटल बनाया गया है. सबसे पहले आपको कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना पंजीकरण यानी रजिस्ट्रेशन करना होगा. वहां खेत तालाब योजना का ऑप्शन चुनकर आपको अपनी जमीन के दस्तावेज और आधार कार्ड जैसी बेसिक जानकारी भरनी होगी. ऑनलाइन फॉर्म सबमिट करने के बाद विभाग की टीम आपके खेत का फिजिकल वेरिफिकेशन करेगी.
- आवेदन के समय अपनी बैंक पासबुक और जमीन की खतौनी साथ रखें ताकि प्रोसेस में कोई देरी न हो.
- मंजूरी मिलने के बाद जैसे ही तालाब का काम शुरू होगा, सब्सिडी की राशि किस्तों में सीधे आपके खाते में भेज दी जाएगी.
इस तरह आप घर बैठे बस कुछ ही क्लिक्स में इस बेहतरीन योजना का हिस्सा बन सकते हैं.
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