Muskmelon Farming Tips: गर्मियों के सीजन में रसीले खरबूजे की डिमांड मार्केट में एकदम पीक पर होती है और यही वह समय है जब स्मार्ट किसान अपनी किस्मत चमका सकते हैं. पारंपरिक खेती के बजाय अब लोग शॉर्ट टर्म और हाई-प्रॉफिट वाली फसलों की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं जिनमें खरबूजा सबसे ऊपर आता है. इसकी सबसे कूल बात यह है कि यह महज 3 महीने यानी करीब 80 से 90 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाता है.
जिससे किसानों को बहुत जल्दी रिटर्न मिलता है. कम पानी और कम लागत में बंपर पैदावार देने वाली यह फसल न केवल आपके खेत को हरा-भरा बनाती है. बल्कि आपकी जेब को भी तगड़े मुनाफे से भर देती है. अगर आप भी इस सीजन में कुछ बड़ा करने की सोच रहे हैं. तो खरबूजे की खेती एक शानदार स्टार्टअप आईडिया हो सकता है. तो चलिए जानते हैं कि कैसे आप सही प्लानिंग और तकनीकों के साथ खरबूजे की खेती शुरू कर सकते हैं.
कैसे करें खेती की शुरूआत?
खरबूजे की खेती शुरू करने के लिए रेतीली दोमट मिट्टी सबसे बेस्ट मानी जाती है. क्योंकि इसमें जल निकासी अच्छी होती है. बुवाई का सही समय फरवरी से मार्च के बीच होता है. जिससे फलों को पकने के लिए अच्छी धूप और गर्मी मिल सके. आजकल किसान मधु जैसी हाइब्रिड वैरायटीज का चुनाव कर रहे हैं. जो अपनी मिठास और ज्यादा पैदावार के लिए मशहूर हैं.
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- खेत की तैयारी के समय अच्छी मात्रा में गोबर की खाद या वर्मीकंपोस्ट डालें जिससे पौधों को शुरुआत से ही सॉलिड पोषण मिले.
- बीजों को सीधे खेत में बोने के बजाय अगर आप बेड बनाकर और मल्चिंग पेपर का इस्तेमाल करके बुवाई करते हैं तो खरपतवार की समस्या भी नहीं होगी.
सही वैरायटी और सही तरीके से बुवाई ही आपकी फसल की पैदावार को बढ़ाती है.
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इन बातों का रखें खास ध्यान
फसल को बीमारियों से बचाना और सही सिंचाई करना इस खेती का सबसे बड़ा काम है. खरबूजे को बहुत ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती है. लेकिन फूल आने और फल बनने के समय नमी का बैलेंस बना रहना चाहिए. ज्यादा पानी देने से फलों की मिठास कम हो सकती है. इसलिए ड्रिप इरिगेशन का इस्तेमाल करना एक बहुत ही सही कदम साबित होगा.
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- च्यूइंग और सकिंग पेस्ट्स से बचाव के लिए नीम ऑयल या हल्के कीटनाशकों का इस्तेमाल करें ताकि फलों की स्किन एकदम क्लीन रहे.
- समय-समय पर लिक्विड फर्टिलाइजर्स का डोज देते रहें जिससे खरबूजे का साइज और वजन दोनों बढ़े और आपको मार्केट में अच्छे दाम मिलें.
पौधों की छोटी-छोटी जरूरतों का ध्यान रखकर आप अपनी पैदावार को कई गुना तक बढ़ा सकते हैं.
3 महीने में भारी कमाई
खरबूजे की खेती की सबसे बड़ी यूएसपी इसकी फास्ट इनकम है. मात्र 3 महीने की मेहनत के बाद जब फसल तैयार होती है तो प्रति एकड़ 200 से 250 क्विंटल तक की पैदावार मिल सकती है. अगर मार्केट रेट 15 से 20 रुपये किलो भी मिले तो किसान एक सीजन में 3 से 4 लाख रुपये तक का रेवेन्यू बड़े आराम से जनरेट कर सकते हैं.
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- अच्छी ग्रेडिंग और पैकिंग करके अगर आप सीधे शहरों के होलसेलर्स या सुपरमार्केट्स को माल सप्लाई करते हैं तो मुनाफा और भी बढ़ जाता है.
- फसल की क्वालिटी जितनी प्रीमियम होगी उतना ही ज्यादा आपको मोलभाव करने की ताकत मिलेगी और आपकी चांदी होनी तय है.
कम इन्वेस्टमेंट और शॉर्ट पीरियड में इतनी तगड़ी कमाई खरबूजे की खेती को एक अल्टीमेट बिजनेस आईडिया बनाती है.
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