Thursday, April 16, 2026
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बंजर जमीन से पाएं रिकॉर्ड तोड़ पैदावार, बस मिट्टी में मिलाएं ये चीजें और देखें कमाल


Barren Land Faming Tips: आजकल खेती में ज्यादा पैदावार की होड़ में हम धड़ल्ले से केमिकल और खाद का इस्तेमाल कर रहे हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इसका हमारी जमीन पर क्या असर पड़ रहा है. लगातार रसायनों के इस्तेमाल से मिट्टी का दम घुटने लगा है और उसका पीएच लेवल तेजी से गिर रहा है. जब मिट्टी का संतुलन बिगड़ता है. तो उसमें मौजूद जरूरी पोषक तत्व और छोटे-छोटे मददगार जीव खत्म होने लगते हैं. 

नतीजा यह होता है कि आप कितनी भी महंगी खाद डाल लें. फसलें वैसी नहीं होतीं जैसी होनी चाहिए. ऐसे में किसान भाई परेशान हो जाते हैं कि आखिर कमी कहां रह गई. लेकिन घबराने की बात नहीं है, क्योंकि कृषि विशेषज्ञों ने मिट्टी की सेहत सुधारने का एक बहुत ही सरल और सस्ता तरीका बताया है. सही जानकारी के साथ अगर आप अपनी मिट्टी का इलाज करेंगे. तो वही बंजर दिखने वाली जमीन फिर से सोना उगलने लगेगी और आपकी फसलें पहले से कहीं ज्यादा दमदार होंगी.

मिट्टी की सेहत सुधारने का सबसे सस्ता इलाज

विशेषज्ञों की मानें तो मिट्टी के गिरते पीएच लेवल को संभालने के लिए चूना एक जादुई दवा की तरह काम करता है. इसमें भरपूर मात्रा में कैल्शियम होता है. जो मिट्टी की खोई हुई ताकत को वापस लाने में मदद करता है. दरअसल, जब मिट्टी का पीएच 5.5 से नीचे चला जाता है. तो जमीन में नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश जैसे जरूरी तत्वों की भारी कमी हो जाती है. ऐसे में प्याज, गोभी, चुकंदर और दालों जैसी फसलें ठीक से बढ़ ही नहीं पातीं.

  • मिट्टी का पीएच लेवल बिगड़ने से खाद और फर्टिलाइजर का असर पूरी तरह खत्म हो जाता है.
  • बुवाई से पहले मिट्टी की जांच जरूर कराएं ताकि जमीन की असली सेहत का पता चल सके.

मिट्टी की जांच कराकर सही मात्रा में चूना डालना ही आपकी बंजर जमीन को फिर से उपजाऊ बनाने का पहला कदम है.

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इस्तेमाल का सही तरीका

चूने का इस्तेमाल करते समय थोड़ी सावधानी बरतना बहुत जरूरी है. क्योंकि चूना स्वभाव से काफी गर्म होता है. अगर इसे सीधे इस्तेमाल किया जाए तो यह फसलों को फायदा पहुंचाने के बजाय नुकसान भी कर सकता है. सबसे पहले चूने को अच्छी तरह ठंडा होने दें और बुवाई से करीब एक महीना पहले इसे खेत में डालें. ध्यान रहे कि मिट्टी में हल्की नमी होनी चाहिए और चूना डालने के बाद खेत की अच्छी तरह जुताई कर दें ताकि यह मिट्टी की गहराई तक मिल जाए.

  • चूने को हमेशा बुवाई के 30 दिन पहले खेत में डालकर अच्छी तरह मिला देना चाहिए.
  • सूखे खेत के बजाय हल्की नमी वाली मिट्टी में इसका असर सबसे ज्यादा और तेज होता है.

सही तरीके से की गई जुताई और चूने का मिश्रण मिट्टी की बनावट को फसलों के लिए एकदम परफेक्ट बना देता है.

इन बातों का रखें ध्यान

चूना सिर्फ पीएच बैलेंस नहीं करता. बल्कि यह एक बेहतरीन कीटनाशक भी है जो रस चूसने वाले कीड़ों से आपकी फसल को सुरक्षित रखता है. आप इसके घोल को ठंडा करके स्प्रे के तौर पर भी पौधों पर इस्तेमाल कर सकते हैं जिससे फसल सुरक्षित रहती है. मात्रा की बात करें तो अगर मिट्टी का पीएच 6 से 7 के बीच है, तो प्रति एकड़ 5-10 किलो चूना काफी है, लेकिन अगर पीएच 5 से भी कम हो गया है, तो आपको 15-20 किलो तक इस्तेमाल करना चाहिए.

  • अगर मिट्टी का पीएच लेवल 8 से ऊपर पहुंच चुका है, तो वहां चूने का इस्तेमाल बिल्कुल न करें.
  • कीड़ों से बचाव के लिए चूने के ठंडे घोल का छिड़काव एक सस्ता और असरदार उपाय है.

सही मात्रा और सही तकनीक का मेल ही आपकी जमीन को फिर से ताकतवर और फसलों को दमदार बनाता है.

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