Farmers schemes: पीएम किसान सम्मान निधि केंद्र सरकार द्वारा चलाई जाने वाली एक किसानो के लिए आर्थिक सहायता योजना है, जिसमें किसानों को साल में 3 किस्तों में कुल 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है, यह योजना किसानों को उनकी खेती में लगने वाले खर्चों के लिए दी जाती है.हर 4 महीने के अंतराल में किसानों के खाते में 2,000 रुपये की किस्त डाल दी जाती है. ऐसे में एक और अतिरिक्त योजना है, जिसके तहत भी सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। आइए जानते हैं उस योजना के बारे में.
कौन-सी है अतिरिक्त लाभ की योजना?
मध्य प्रदेश के किसानों के लिए मुख्यमंत्री ने सीएम किसान कल्याण योजना चलाई है, जिसके तहत किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि के अतिरिक्त सालाना 6,000 रुपये का लाभ दिया जाता है, इसे राज्य सरकार द्वारा मध्य प्रदेश के किसानों को और अधिक सशक्त बनाने के लिए लागू किया गया है, अब दोनों योजनाओं को मिलाकर मध्य प्रदेश के किसानों को 6,000 रुपये की बजाय 12,000 रुपये मिलते हैं, जिससे उन किसानों की आर्थिक स्थिति काफी बेहतर हो जाती है.
दोनों योजनाओं के लिए पात्रता
सबसे पहले पीएम किसान सम्मान निधि के लिए व्यक्ति के नाम पर जमीन होनी चाहिए, व्यक्ति भारत का नागरिक होना चाहिए और परिवार की वार्षिक आय न्यूनतम सीमा से अधिक नहीं होनी चाहिए. सरकारी कर्मचारी होने पर यह योजना नहीं दी जा सकती, सीएम किसान कल्याण योजना की बात की जाए तो इसकी सबसे पहली पात्रता यह है कि व्यक्ति पीएम किसान सम्मान निधि का लाभार्थी होना चाहिए, तभी वह एक साथ दोनों योजनाओं का फायदा उठा सकता है.
ये योजनाएं कैसे बनाती हैं किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त?
ये दोनों योजनाएं किसानों को आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए हैं. इन आर्थिक सहायता से ज्यादा तो नहीं, लेकिन किसानों को काफी हद तक मदद मिलती है. वह खेती के लिए खाद, बीज या जरूरी सामान खरीद पाते हैं. बाकी राज्यों के किसानों को जहां सिर्फ 6000 सालाना मिलता है, वहीं मध्य प्रदेश के किसानों को सालाना 12000 देकर मध्यप्रदेश की सरकार ने किसानों की स्थिति को काफी बेहतर किया है.
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