Friday, April 24, 2026
Google search engine
Homeकृषि समाचारCold Storage Subsidy: कोल्ड स्टोरेज बनाने के लिए 35 से 50 प्रतिशत...

Cold Storage Subsidy: कोल्ड स्टोरेज बनाने के लिए 35 से 50 प्रतिशत सब्सिडी देती है सरकार, किसान ऐसे उठा सकते हैं फायदा


Cold Storage Subsidy: भारत में हर साल बहुत बड़ी मात्रा में फल, सब्जियां और बागवानी से जुड़े उत्पाद बर्बाद हो जाते हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह प्रॉपर स्टोरेज सुविधाओं की कमी है. कई बार किसान मेहनत से फसल उगाते हैं, लेकिन सही समय पर बेच नहीं पाने या स्टोरेज की सुविधा न होने के कारण उन्हें नुकसान झेलना पड़ता है. 

इस समस्या को कम करने के लिए सरकार ने किसानों, उद्यमियों और निवेशकों को जोड़ते हुए एक खास योजना शुरू की है, जिसका उद्देश्य देश में आधुनिक और बेहतर कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं को बढ़ाना है. इस योजने में सरकार कोल्ड स्टोरेज बनाने के लिए 35 से 50 प्रतिशत सब्सिडी देती है. तो आइए जानते हैं कि यह योजना क्या है और  इससे किसान कैसे फायदा उठा सकते हैं. 

क्या है यह योजना?

सरकार की इस योजना का नाम कोल्ड स्टोरेज निर्माण/विस्तार/आधुनिकीकरण के लिए पूंजी निवेश सब्सिडी योजना है, जिसे नेशनल हॉर्टिकल्चर बोर्ड (NHB) चलाता है. इस योजना के तहत सरकार उन लोगों को आर्थिक मदद देती है जो नया कोल्ड स्टोरेज बनाना चाहते हैं या पुराने स्टोरेज को आधुनिक तकनीक से अपग्रेड करना चाहते हैं. 

सरकार कितनी सब्सिडी देती है?

इस योजना की सबसे खास बात यह है कि इसमें सरकार अच्छी-खासी आर्थिक सहायता देती है. सामान्य क्षेत्रों में परियोजना लागत पर 35 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलती है. पहाड़ी, पूर्वोत्तर और अनुसूचित क्षेत्रों में यह बढ़कर 50 प्रतिशत तक हो जाती है. वहीं अधिकतम सब्सिडी की सीमा 7.5 करोड़ तक तय की गई है. इसके अलावा कुछ आधुनिक तकनीकी उपकरणों पर भी अलग से सहायता दी जाती है. कंट्रोल्ड एटमॉस्फियर (CA) जनरेटर पर लगभग 1.25 करोड़ तक मदद, स्पेशल CA डोर पर 2.5 लाख प्रति दरवाजा तक सहायता और आधुनिक इन्सुलेशन और PLC सिस्टम जैसी तकनीकों पर भी आर्थिक सहयोग मिलता है. 

कौन लोग इस योजना का फायदा ले सकते हैं?

यह योजना सिर्फ किसानों तक सीमित नहीं है. इसके तहत व्यक्तिगत किसान, कंपनियां और निजी निवेशक, किसान उत्पादक संगठन (FPO), सहकारी समितियां भी लाभ ले सकते हैं. ऐसे में कोई भी व्यक्ति या संस्था जो कोल्ड स्टोरेज बनाना या सुधारना चाहती है, इस योजना का हिस्सा बन सकती है. 

कैसे मिलता है इस योजना का लाभ?

यह एक क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी योजना है. इसका मतलब है कि पहले निवेशक को बैंक से लोन लेना पड़ता है और प्रोजेक्ट पूरा करना होता है. इसके बाद सरकार सब्सिडी देती है. 

यह भी पढ़ें – आपदा प्रभावित फसलों के लिए मुआवजा देने जा रही सरकार, 5 मई तक करें आवदेन करें किसान

आवेदन और प्रक्रिया कैसे होती है?

इस योजना का फायदा लेने के लिए सबसे पहले आवेदक को कोल्ड स्टोरेज बनाने की एक पूरी प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करनी होती है, जिसमें उसकी लागत, डिजाइन और तकनीकी विवरण शामिल होते हैं. इसके बाद सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स के साथ आवेदन नेशनल हॉर्टिकल्चर बोर्ड (NHB) को जमा किया जाता है. आवेदन मिलने के बाद सरकार की अधिकृत तकनीकी एजेंसी उस प्रोजेक्ट की जांच करती है कि वह नियमों के अनुसार सही और व्यवहारिक है या नहीं, जब प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल जाती है, तो बैंक से लोन स्वीकृत होता है और कोल्ड स्टोरेज का निर्माण शुरू किया जाता है, निर्माण पूरा होने और यूनिट के चालू हो जाने के बाद NHB उसका अंतिम निरीक्षण करता है, और अगर सब कुछ सही पाया जाता है, तो पात्रता के अनुसार सरकार के तहत सब्सिडी जारी कर दी जाती है. 

यह योजना किन क्षेत्रों में लागू है?

यह योजना पूरे भारत में लागू है, लेकिन कुछ क्षेत्रों को विशेष प्राथमिकता दी जाती है, जैसे पूर्वोत्तर राज्य, पहाड़ी क्षेत्र और अनुसूचित क्षेत्र. इन इलाकों में फल और सब्जियों की खेती ज्यादा होती है, इसलिए यहां कोल्ड स्टोरेज की जरूरत भी ज्यादा होती है. 

यह भी पढ़ें – बुढ़ापे में किसानों को मिलेगी हर महीने 3000 रुपये पेंशन, आज ही इस योजना में कराएं रजिस्ट्रेशन



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments