झारखंड रक्षा शक्ति यूनिवर्सिटी (JRSU) अब एक नए और आधुनिक स्वरूप में नजर आने वाला है। जहां एक ओर रक्षा और सुरक्षा से जुड़े भविष्य के तकनीकी कोर्स शुरू किए जा रहे हैं, वहीं विश्वविद्यालय के ढांचे को मजबूत करने के लिए 130 नए पदों को तैयार भी किया गया है।
झारखंड रक्षा शक्ति यूनिवर्सिटी (JRSU) अब एक नए और आधुनिक स्वरूप में नजर आने वाला है। नई शिक्षा नीति (NEP-2020) के अनुरूप विश्वविद्यालय का व्यापक शैक्षणिक और प्रशासनिक पुनर्गठन किया गया है। इस बड़े बदलाव के तहत जहां एक ओर रक्षा और सुरक्षा से जुड़े भविष्य के तकनीकी कोर्स शुरू किए जा रहे हैं, वहीं विश्वविद्यालय के ढांचे को मजबूत करने के लिए 130 नए पदों को तैयार भी किया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, इस पुनर्गठन का मुख्य उद्देश्य छात्रों को जॉब-ओरिएंटेड शिक्षा देना और उन्हें देश की आंतरिक व बाह्य सुरक्षा की आधुनिक चुनौतियों के लिए तैयार करना है।
रक्षा और इंजीनियरिंग क्षेत्र में ‘डिजिटल क्रांति’
विश्वविद्यालय अब पारंपरिक विषयों से आगे बढ़कर टेक्नोलॉजी और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में कई स्पेशल कोर्स शुरू करने जा रहा है। अब छात्र यहां डिफेंस टेक्नोलॉजी, कंप्यूटर साइंस (साइबर सिक्योरिटी, आईओटी और ब्लॉकचेन के साथ), एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग, साइबर फॉरेंसिक और एवियोनिक्स जैसे विषयों में बीटेक और एमटेक की डिग्री ले सकेंगे।तकनीकी कौशल बढ़ाने के लिए वेपन इंजीनियरिंग, साइबर फिजिकल सिस्टम और जीआईएस-जीपीएस जैसे विषयों में डिप्लोमा और पीजी डिप्लोमा कोर्स भी शामिल किए गए हैं।
सुरक्षा, मैनेजमेंट और फॉरेंसिक पर विशेष जोर
बदले हुए सिलेबस में सुरक्षा प्रबंधन और अपराध विज्ञान को भी आधुनिक बनाया गया है। इंडस्ट्रियल सेफ्टी, फायर टेक्नोलॉजी और डिजास्टर मैनेजमेंट में बीबीए और एमबीए की शुरुआत की गई है। साथ ही डिफेंस पॉलिसी और स्ट्रेटेजिक स्टडीज जैसे गंभीर विषयों को भी मिलेबस का हिस्सा बनाया गया है। फॉरेंसिक साइंस में बीएससी और एमएससी के अलावा ‘क्राइम सीन इन्वेस्टिगेशन’ में पीजी डिप्लोमा शुरू किया गया है, जो पुलिस और जांच एजेंसियों में करियर बनाने वाले युवाओं के लिए बेहद मददगार होगा।
शिक्षकों और स्टाफ की संख्या में भारी बढ़ोतरी
विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और प्रशासनिक कामकाज को सुचारू बनाने के लिए पदों की संख्या में बड़ा विस्तार किया गया है। कुल मिलाकर 130 नए पदों की वृद्धि हुई है, जबकि 9 पुराने और अप्रासंगिक पदों को समाप्त कर दिया गया है। शिक्षकों की संख्या 28 से बढ़ाकर 82 कर दी गई है। इसमें प्रोफेसरों की संख्या 4 से बढ़ाकर 10, एसोसिएट प्रोफेसरों की संख्या 8 से बढ़ाकर 20 और असिस्टेंट प्रोफेसरों की संख्या 16 से बढ़ाकर 52 कर दी गई है। गैर-शैक्षणिक श्रेणी के पदों को 18 से बढ़ाकर 94 किया गया है। लैब, लाइब्रेरी, अकाउंट्स और स्पोर्ट्स कैडर में 75 नए पद जोड़े गए हैं। इसके अलावा एमटीएस (MTS) कर्मचारियों की संख्या भी 26 से बढ़ाकर 48 कर दी गई है।


